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Gurugram News: खुली छत पर गमलों व मोटी पन्नी में उगा सकते हैं सब्जियां

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रसायन रहित भोजन का लें लाभ, कृषि विशेषज्ञ डॉ. मलिक ने दिया सब्जी बोने का प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर सिंह मलिक ने कहा कि घर की खुली छत पर गमलों व घर के आंगन में सब्जियां उगाकर लोग रसायन मुक्त भोजन पा सकते हैं। घर की बोई सब्जी में मौजूद सभी विटामिन, सारे पोषक तत्व व प्रोटीन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम सकते हैं। इससे इंसान को स्वस्थ, दीर्घायु व बल युक्त जीवन मिलता है। ताजा व शुद्ध सब्जी का सेवन इंसान को स्वस्थ बनाता है। डॉ. मलिक बुधवार को लोगों को घर में ही बिना रसायन व कीटनाशकों के सब्जी बोने का प्रशिक्षण दे रहे थे।
इस दौरान डॉ. मलिक ने कहा कि कुछ सब्जी उत्पादक किसान अज्ञानता वश अधिक उत्पादन लेने के लिए सब्जियों में घातक कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे बाजार में उपलब्ध सब्जियां कम पौष्टिक व विषैली हो सकती है। आज कृषि योग्य भूमि घटती जा रही है तथा घर के आंगन भी छोटे पड़ते जा रहे हैं। घर के आंगन में जगह न हो तो पौष्टिक ताजा व मौसमी सब्जियां घर की खुली छत पर गमलों में भी उगाई जा सकती है। छत पर गमलों में पालक, मूली, टमाटर, धनिया, बैंगन, फूलगोभी, मेथी, मिर्च, करेला, तोरी की सब्जियां, फुलवारी के पौधे व बड़े गमलो में छोटे फलदार पौधे नींबू, पपीता लगाए जा सकते हैं। डॉ. मलिक ने कहा कि शहर हो या गांव जहां जगह घर के आंगन में न भी हो तब भी अपने घर की छत पर गमलों में सब्जियां उगाकर अपनी जरूरत पूरी कर सकते हैं। इस प्रकार उगाई गई सब्जियां ताजा, रसायन रहित, स्वादिष्ट व गुणकारी होती हैं। महिलाएं भी इस पुनीत कार्यों को सफलतापूर्वक कर सकती हैं। उन्होंने छत पर गमलों में उगाई सब्जियों को भी दिखाया।
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ढाई से चार फीट के गमलों में उगाई जा सकती है सब्जी
डॉ. मलिक ने बताया कि छत पर गमलों व मोटी पॉलीथिन की बड़ी थैलियों में सब्जियां उगाई जा सकती हैं। उन्हें रखने की जगह के अनुसार गमलों की ऊंचाई दो ढाई से चार फीट हो सकती है। गमले या थैले ऐसे स्थान पर रखें जहां सूर्य की रोशनी आती हो। गमलों में सब्जियां लगाने से पहले गमलों के नीचे के छेद में छोटा पत्थर का टुकड़ा रख दें, ताकि फालतू पानी थोड़ा-थोड़ा करके रिश्ता रहे। पॉलीथिन के थैलों में भी पानी रिसने के लिए इनकी पेंदी में महीन छेद कर दें। इन गमलों को रेत, खेत की मिट्टी, गोबर की गली सड़ी खाद व केंचुआ खाद बराबर मात्रा में मिलाकर भरें। ऊपर की तरफ दो से तीन सेंटीमीटर जगह खाली रखें। गमलों को ऐसी जगह रखें जहां धूप, छांव, हवा ठीक तरह से मिलती रहे। गमले में सब्जियां बोने व रोपने के बाद हल्की सिंचाई कर दें और बाद में आवश्यक के अनुसार पानी व जैविक खाद डालते रहें।
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