गुरुग्राम। डीएलएफ-5 निवासी वरदान नैयर ने कराटे में महज 12 साल की उम्र में ब्राउन बेल्ट-4 का दर्जा प्राप्त किया। वरदान ने नौ वर्ष की आयु में कराटे सीखना शुरू किया था। हाल ही में जेन मास्टर सुमित विरमन के मार्गदर्शन में ब्राउन बेल्ट-4 तक पहुंचा। विरमन, गुरुग्राम के जाने-माने कराटे शिक्षक हैं। वरदान ने कराटे के साथ-साथ अन्य खेलों में भी शानदार प्रदर्शन किया है।
वह शतरंज, फुटबॉल, टेनिस के कई टूर्नामेंट में पहला और दूसरा स्थान जीत चुका है। कराटे में अपनी प्रेरणा साझा करते हुए वरदान ने बताया कि बचपन में वह टेलीविजन पर पावर रेंजर्स सीरीज़ देखा करता था जिसने उसे मार्शल आर्ट्स की ओर आकर्षित किया। माता-पिता की प्रेरणा और मास्टर सुमित विरमन के मार्गदर्शन ने उनके इस सफर को नई दिशा दी। वरदान का मानना है कि कराटे न सिर्फ आत्मरक्षा की कला है, बल्कि यह बच्चों और युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए भी बेहद लाभकारी है। ब्राउन बेल्ट-4 की परीक्षा में वरदान ने पंच, किक, ब्लॉक और कटास फाइटिंग कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद उसने अगले स्तर पर पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर उनके गुरु सुमित विरमन ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वरदान एक बेहद उत्साही और अनुशासित खिलाड़ी हैं, जिनमें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने की क्षमता है। ब्यूरो