लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से वार्ड स्तर पर मलबा डंपिंग प्वांइट बनाए जाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हवा को प्रदूषित करने वाले मलबे की समस्या से निजात के लिए वायु प्रदूषण पर काम कर रहे लोगों ने मलबा डंप करने वाले ट्रक मालिकों और नगर निगम के साथ मिलकर समाधान की कवायद शुरू की है।
ग्रैप (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान ) लागू होने के बाद भी विभिन्न इलाकों में अनधिकृत तरीके से मलबा डंपिंग जारी है। शहर में सेक्टर 51 में समसपुर के पास के मॉनिटर में अब तक सबसे ज्यादा एक्यूआई पाया गया है। यहां ग्रैप लागू होने के बाद औसतन एक्यूआई 250 से 349 तक रहा है। इस इलाके के पास निर्वाणा कंट्री सोसाइटी की चहारदिवारी से सटे इलाके में मलबा डंपिंग हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए सिटिजन फॉर क्लीन एयर की प्रतिनिधि रुचिका सेठी मलबा गिराने वाले ट्रक वालों से मिली। उन्हें लेकर मलबा डंपिंग वाले जगह का दौरा कराया। हालांकि मलबा गिराने वालों ने इस बात से इनकार किया कि सेक्टर 50 में रिहायशी इलाके में उन्होंने मलबा गिराया है मगर यह बताया कि वे कम दूरी पर खाली जगह पर मलबा गिराते हैं। दूसरी ओर नगर निगम के मलबा निस्तारण के लिए बनाए गए प्लांट के पास ट्रक डोर टू डोर मलबा लेकर जाने की व्यवस्था नहीं है। वे केवल सेकेंड्री कलेक्शन सेंटर से ही मलबा उठा सकते हैं।मलबा गिराए जाने और उठाए जाने का यह अंतर मलबे के कारण होने वाले वायु प्रदूषण की वजह बन रहा है।
इस समस्या के हल के लिए मलबा गिराने वाले ट्रक वालों, आरडब्ल्यूए और सिटिजन फॉर क्लीन एयर ने नगर निगम के अधिकारियों से वार्ड स्तर पर मलबा डंपिंग प्वांइट बनाए जाने और वहां से मलबा निस्तारण संयंत्र की गाड़ियों से मलबा उठाए जाने की व्यवस्था करने की मांग की है। मलबे से होने वाले प्रदूषण की समस्या के हल के लिए प्रतिनिधि निगमायुक्त से मिलकर इस तरह के समाधान की गुजारिश करेंगे।