पटौदी। क्षेत्र के गांव धामा पट्टी भोंड़ाकला में एक मकान पर लेंटर डाल रहे मध्यप्रदेश के प्रवासी मजदूरों में से दो महिला मजदूरों की छत के किनारे से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मजदूरों में रुदन मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है।
मध्यप्रदेश के गांव नरवा व करलापुर निवासी प्रवासी मजदूर परिवारों सहित बृहस्पतिवार को गांव भामा पट्टी भोंड़ाकला में अशोक चौहान के मकान पर लेंटर डाल रहे थे। इस बीच मकान के बराबर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में मजदूर भरत की पत्नी 27 वर्षीय संध्या आ गई। इसे बचाने के लिए मजदूर सुनील की पत्नी संध्या ने कोशिश की तो वह भी बिजली की चपेट में आ गई। दोनों महिलाओं की करंट से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद लाइन का तार भी टूटकर जमीन पर गिर गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के परिजनों से जानकारी लेने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं गांव के गजराज चौहान ने बताया कि लाइन मकानों के काफी पास से गुजर रही है। इसे हटाने के लिए कई बार शिकायत की जा चुकी है, बिजली विभाग ने आज तक सुनवाई नहीं की।
हादसे में अपनी पत्नियों को खोने के बाद दोनों युवक मजदूर व अन्य प्रवासी मजदूर महिलाएं रो-रोकर बेहोश होते रहे। उन्हें होश में लाने के लिए पानी के छींटे तक मारने पड़े। उनमें से एक मजदूर ने बताया कि गुरुग्राम में मकानों के निर्माण में मजदूरी करने के लिए उनका करीब 70 मजदूरों का समूह डेढ़ माह पहले ही मध्यप्रदेश से आया था। इस तरह का हादसा हो जाएगा, इसका किसी ने सोचा नहीं था।