- एनएच-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे पर बेखौफ फर्राटा भर रहे बाइक, स्कूटी, ऑटो और ई-रिक्शा
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अमर उजाला ब्यूरो गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) और द्वारका एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंध के बावजूद दोपहिया और तिपहिया वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। बाइक, स्कूटी, ऑटो और ई-रिक्शा चालक मुख्य लेन में बेखौफ आवाजाही कर रहे हैं। इससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच हादसे का खतरा बना हुआ है। यातायात पुलिस के निर्देशों के बावजूद प्रतिबंधित वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मार्च 2025 में दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे और द्वारका एक्सप्रेसवे पर धीमी गति से चलने वाले वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद पुलिस उपायुक्त (यातायात) प्रतीक गहलोत ने भी दोपहिया और तिपहिया वाहनों समेत अन्य धीमी गति के वाहनों को मुख्य लेन से दूर रखने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा है।
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सर्विस लेन पर चलने के निर्देश- दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सरहौल बॉर्डर से खेड़कीदौला तक बाइक, स्कूटर, ऑटो, ई-रिक्शा, ई-कार्ट, कृषि ट्रैक्टर, गैर मोटर चालित वाहन, मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रेलर और क्वाड्रिसाइकल के संचालन पर रोक है। इन वाहनों को केवल सर्विस लेन से चलने की अनुमति है। द्वारका एक्सप्रेसवे पर भी खेड़कीदौला से दिल्ली बॉर्डर तक मुख्य लेन में ऐसे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। हादसों के बावजूद नहीं सुधरी स्थिति- हाईवे और एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों में दोपहिया वाहन सवारों के गंभीर रूप से घायल होने और मौत के मामले सामने आते रहते हैं। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच धीमी गति के वाहन चलने से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
कोट- दिल्ली-जयपुर हाईवे और द्वारका एक्सप्रेसवे पर दोपहिया व तिपहिया समेत धीमी गति के वाहनों पर रोक लगाई जा रही है। पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि प्रतिबंधित वाहनों को मुख्य लेन में प्रवेश न करने दिया जाए। -सत्यपाल यादव, एसीपी (यातायात मुख्यालय/हाईवे), गुरुग्राम