-द्वारका एक्सप्रेस-वे पर मिला था युवक का शव
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। करीब चार साल पहले कहासुनी होने पर युवक की हत्या कर द्वारका एक्सप्रेस-वे के पास शव फेंकने के मामले में जिला अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। अदालत ने दोषी उत्तर प्रदेश के जिला अलीगढ़ के लालपुर गांव निवासी जतिन और हाथरस के टिकैत निवासी उमेश चंद पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने दिया है।
11 अप्रैल 2022 को द्वारका एक्सप्रेस-वे पर एक निर्माणाधीन स्थल पर युवक का शव मिला था। बजघेड़ा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मृतक की पहचान शुरू की। मृतक की पहचान महेंद्रगढ़ के ढाढोत गांव निवासी सुनील कुमार के रूप में हुई थी। मृतक के परिवार की तरफ से जतिन और उमेश चंद पर शक जाहिर किया था।
पुलिस ने मामले की जांच की तो इनके पास से मृतक का मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज में भी इनके साथ दिखा था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान बताया कि वे टैक्सी चलाने का काम करते थे। सुनील कुमार रेलवे स्टेशन पर मिला था। कहासुनी होने पर उनकी हत्या कर दी थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।