अदालत में पेश किया था फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट, 10-10 महीने की सजा
आईआरईओ कंपनी के पूर्व सीईओ को हुई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अदालत में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट पेश करने पर आईआरईओ कंपनी के पूर्व सीईओ और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (दिल्ली) की तत्कालीन महिला फार्मासिस्ट को दोषी करार दिया गया है। जिला अदालत ने दोनों को 10-10 महीने की सजा सुनाई है। गोल्फ कोर्स रोड स्थित मंगोलिया सोसाइटी निवासी पूर्व सीईओ रमेश संका और साहिबाबाद के सेक्टर-2 निवासी फार्मासिस्ट मीनू शर्मा पर अदालत ने 1500-1500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के मामले में शिवाजी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
सेक्टर-65 थाना पुलिस ने आईआरईओ कंपनी की शिकायत पर पूर्व सीईओ रमेश संका के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कंपनी की तरफ से दी गई शिकायत में बताया गया था कि 28 दिसंबर 2016 को उन्होंने कंपनी छोड़ते समय गोपनीयता, गौर-प्रतिस्पर्धा और गैर-मानहानि समझौता किया था। कंपनी का आरोप है कि उन्होंने कंपनी के क्लाइंट का डाटा अपने पास रख लिया और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक पार्टनरशिप की और कंपनी के खिलाफ मामले दर्ज कराने की कोशिश की। इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है जिसमें वह रुपये लेकर शिकायत वापस लेने की बात कर रहा है।
इसी मामले में 17 अप्रैल 2023 को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास विनय काकराण की अदालत में सुनवाई होनी थी। रमेश संका के पक्ष की तरफ से राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का एक मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया गया। दूसरे पक्ष ने विरोध किया तो मामले की जांच की गई। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि उस दिन रमेश संका अस्पताल गए ही नहीं थे। जांच में पता चला कि उन्होंने अस्पताल की तत्कालीन फार्मासिस्ट मीनू शर्मा की सहायता से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद रमेश संका और मीनू शर्मा को 10-10 महीने की सजा दी है।