अक्तूबर में चोरी की बाइक से मथुरा घुमाने के लिए ले गए थे आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अक्तूबर में हुई एक कंपनी के कर्मचारी की हत्या के मामले में पुलिस ने युवक और युवती को गिरफ्तार किया। साथ ही इस हत्या की गुत्थी भी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने बताया कि यूपी के जिला अलीगढ़ के कैमथल गांव निवासी कुशलपाल और कासगंज के प्रहलादपुर गांव निवासी भावना वारदात से पहले कर्मचारी सोनपाल को चोरी की मोटरसाइकिल से मथुरा घुमाने की बात कहकर लेकर गए थे।
मामले में मृतक के साले ने सात अक्तूबर को पुलिस दी शिकायत में बताया था कि मथुरा के गोविंदपुर सरस्वती कुंड निवासी सोनपाल मानेसर के खोह गांव में किराये पर रहे थे। सेक्टर-5 में एक कंपनी में नौकरी करते थे। चार अक्तूबर की सुबह करीब नौ बजे कंपनी गए। शाम करीब साढ़े चार बजे मैसेज किया था कि कंपनी से गेट पास ले लिया और घर के लिए निकल रहे हैं लेकिन वह घर नहीं पहुंचे। जब उनको फोन किया तो स्विच ऑफ था।
दो साल से सहमति संबंध में रह रहे थे आरोपी
मामले में सेक्टर-सात आईएमटी मानेसर में नियुक्त उप-निरीक्षक सुभाष ने टीम के साथ मिलकर सोनपाल की तलाश करने के लिए जांच शुरू की थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरोपी कुशलपाल को पचगांव से और भावना को शुक्रवार को मानेसर से गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर कोसी बॉर्डर से नरकंकाल बरामद किया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे दो साल से सेक्टर-एक में सहमति संबंध में रह रहे हैं। कुशलपाल और सोनपाल एक ही मैन्युफेक्चरिंग कंपनी में काम करते थे। सोनपाल कुशलपाल के सीनियर थे। उनके सहमति संबंध की जानकारी उनको थी।
हत्या की वजह और अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सोनपाल उसे भावना के साथ दोस्ती कराने के लिए कहता था। इसी बात की रंजिश रखते हुए दोनों ने मिलकर सोनपाल की हत्या करने की योजना बनाई। चार अक्तूबर दोनों ने सोनपाल को चोरी की मोटरसाइकिल पर बैठाकर घुमाने के लिए मथुरा की तरफ ले गए।
जब वह केएमपी से होते हुए कोसी-बॉर्डर पर पहुंचने तो दोनों ने सोनपाल के सिर पर हेलमेट से वार कर दिया। फिर कुशलपाल ने गर्दन पर चाकू से सात-आठ हमला किया। शव को वहीं पर फेंक कर चले गए। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल चाकू, हेलमेट, मृतक का आईडी कार्ड और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।