अपर्णा आश्रम सिलोखरा की जमीन के नाम पर की गई थी धोखाधड़ी
झूठे दस्तावेज व फर्जी परियोजनाओं का झांसा देकर कराया निवेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सिलोखरा गांव स्थित अपर्णा आश्रम की जमीन के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध शाखा-1 ने दो आरोपी 23 अप्रैल को नोएडा के सेक्टर-62 से गिरफ्तार किए हैं। आरोपियों ने झूठे दस्तावेज व फर्जी परियोजनाओं का झांसा देकर निवेश कराकर सेलिंग राइट्स के नाम पर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया था।
सेक्टर-40 थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध शाखा-1 की पुलिस कार्रवाई कर रही है। आरोपियों की पहचान दिल्ली के गौतम नगर निवासी अशोक चौधरी (60) और गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के बृज विहार निवासी चंद्रकांत चौधरी (40) के रूप में हुई है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वे सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक हैं। उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर शिकायतकर्ता को झांसा देकर निवेश के रूप में करोड़ों रुपये प्राप्त किए। आरोपियों द्वारा अपर्णा आश्रम की जमीन पर परियोजना के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये और वैशाली (नोएडा) स्थित परियोजना में निवेश के नाम पर करीब 4.50 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए।
इस राशि में करीब एक करोड़ रुपये सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए थे। बाद में आरोपियों ने उक्त राशि को आपस में बांट लिया था। आरोपियों ने उक्त राशि प्राप्त कर न तो समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए और न ही कोई वैध कार्रवाई की। अपर्णा आश्रम सिलोखरा की जमीन विवादित होने के बावजूद परियोजनाओं के नाम पर निवेश करवाकर शिकायतकर्ता को गुमराह किया और धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया।
शिकायतकर्ता ने 15 अप्रैल को पुलिस को लिखित शिकायत में बताया कि सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक अशोक चौधरी व चंद्रकांत चौधरी और उनके अन्य साथियों ने धोखाधड़ी की है। अपर्णा आश्रम सिलोखरा (गुरुग्राम) व वैशाली में कथित रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश के नाम पर झूठे दस्तावेज व सेलिंग राइट्स के झूठे आश्वासन देकर अलग-अलग समय पर निवेश कराया गया। भुगतान के बावजूद न तो कोई वैध एग्रीमेंट किया गया, न परियोजना पर कोई कार्य शुरू किया गया और न ही समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए गए। बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि संबंधित जमीन विवादित है और प्रशासन के कब्जे में है।
वर्जन
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से उनके अन्य साथियों व बैंक खातों के बारे में पूछताछ की जाएगी। वहीं, धोखाधड़ी करके ट्रांसफर कराई गई राशि को भी बरामद किया जाएगा।
-राजबीर, एसआई, आर्थिक अपराध शाखा-1, गुरुग्राम