गुरुग्राम। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शनिवार को देवउठनी एकादशी और तुलसी पूजन का आयोजन बड़े श्रद्धा भाव और उत्साह के साथ किया गया। महिलाओं ने अपने घरों में गेरु से सुंदर रंगोली बनाई और तुलसी माता की पूजा-अर्चना की। शहर के मंदिरों में भी तुलसी विवाह के भव्य आयोजन हुए, जहां भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बन गया। पंडित अतुल शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार चार महीने की निद्रा के बाद भगवान विष्णु कार्तिक माह की एकादशी के दिन जागते हैं, जिसे देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन तुलसी विवाह का विशेष महत्व होता है क्योंकि तुलसी माता का विवाह भगवान शालीग्राम से संपन्न होता है। संवाद