आयोग ने पीड़ित को एनओसी देने के दिए आदेश
30 हजार का मुआवजा देगी फाइनेंस कंपनी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बाइक पर लिए गए लोन को चुकाने के बावजूद फाइनेंस कंपनी के एजेंट के परेशान करने पर आयोग ने सख्ती करते हुए 30 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके साथ ही कंपनी की तरफ से बाइक मालिक को एनओसी भी दी जाए। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य खुशविंद्र कौर ने दिया है।
वार्ड नंबर-17 की नई बस्ती निवासी राजीव ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने बाइक खरीदी थी, जिसके लिए हीरो फिनकॉर्प से 52,564 रुपये का लोन लिया था। उन्होंने सभी 18 ईएमआई समय पर चुकाईं और उनका लोन खाता 14 सितंबर 2021 को बंद हो गया था। इसके बावजूद, कंपनी के वसूली एजेंटों ने राजीव और उनके चाचा को परेशान किया, धमकाया और अपमानित किया।
उन्हें जबरन कंपनी के भोंडसी कार्यालय ले जाया गया, जिसके बाद राजीव को पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल करना पड़ा। जांच में पता चला कि कंपनी के रिकॉर्ड में एक ही वाहन पर दो अलग-अलग लोन दर्ज थे। एक लोन राजीव के नाम पर था जो बंद हो चुका था, जबकि दूसरा राजीव कुमार सिंह के नाम पर था। राजीव ने कंपनी से बंद लोन के लिए एनओसी और गलत रिकॉर्ड हटाने का अनुरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में कंपनी की तरफ से आयोग में दलील पेश नहीं की गई।
आयोग ने शिकायतकर्ता के साक्ष्य और दस्तावेज को विश्वसनीय पाया। आयोग ने कंपनी को बंद हुए लोन के संबंध में एनओसी जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही, कंपनी को राजीव के नाम से सभी गलत या डुप्लिकेट लोन रिकॉर्ड हटाने का आदेश दिया गया। इनमें सिबिल और आरटीओ जैसे बाहरी डेटाबेस से भी रिकॉर्ड हटाना शामिल है। साथ ही कंपनी को 45 दिनों के भीतर मुआवजे और मुकदमे का खर्च चुकाना होगा। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी पर कंपनी 30 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया के लिए 11 हजार रुपये भी देगी।