गुरुग्राम। प्रशासनिक दावों के मुताबिक कोरोना मरीजों के लिए जिले में करीब 500 बेड के अस्थायी अस्पताल बनाए जा चुके हैं लेकिन अब भी सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल के बरामदे में अस्थायी तौर पर ही बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सवाल यह है कि जब अस्थायी अस्पतालों में सभी बेड खाली हैं तो नागरिक अस्पताल के मरीजों को इन अस्पतालों में क्यों नहीं भर्ती किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार दोपहर तक सेक्टर-14 राजकीय महाविद्यालय में बने अस्थायी अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं था। इस अस्पताल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ ही मरीज की सहूलियत के लिए कमोबेश सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं बावजूद इसके सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में भर्ती मरीजों को यहां पर स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है।
अस्थायी अस्पताल में सभी जरूरी संसाधन
यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि नागरिक अस्पताल में आपातकालीन विभाग के बाहर उपचाराधीन मरीजों का तमाम मूलभूत सुविधाओं के अभाव में इलाज चल रहा है लेकिन सेक्टर-14 में बने अस्थायी अस्पताल में मरीजों के उपचार में सहायक सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। सेक्टर-14 अस्पताल में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्यकर्मियों की भी एक टीम मौजूद थी लेकिन एक भी मरीज को भर्ती नहीं किया जा सका था।
ग्रामीण इलाकों में भी हालात दुरुस्त नहीं
हालांकि, इन तमाम मुद्दों पर जब नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (मेडिकल सुपरीटेंडेंट) डॉ. मनीष राठी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था सीएमओ के हवाले है। इस बारे में वही ज्यादा कुछ बता पाएंगे। इतना ही नहीं सोहना, पटौदी व फर्रूखनगर के ग्रामीण इलाकों में भी हालात ज्यादा दुरुस्त नहीं हैं लेकिन वहां से भी मरीजों को इन अस्थायी अस्पतालों में स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है।