ईएसआईसी मॉडल अस्पताल में जलसंकट, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, नगर निगम द्वारा पानी का कनेक्शन काटने से हुई समस्या
- टैंकर मंगवाकर भरी गईं अस्पताल की टंकियां, फायर टैंक भी खाली
वरुण त्रिवेदी
गुरुग्राम। ईएसआईसी मॉडल अस्पताल में जलसंकट गहरा गया है। हालात यह हैं कि बुधवार को अस्पताल में टैंकरों से जलापूर्ति के भरोसे मरीजों की सर्जरी समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई गईं। प्रबंधन की ओर से टैंकर से पानी मंगवाकर अस्पताल की टंकियाें को भरवाया गया।
पिछले 48 घंटे से ईएसआईसी अस्पताल में पानी आपूर्ति बाधित होने से व्यवस्थाओं के सुचारू रूप से संचालन में परेशानी हो रही है। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि किसी भी विपरीत हालात में अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। मरीजों को बिना रुकावट उपचार मिलता रहेगा।
सेक्टर-9 ए में कर्मचारी राज्य बीमा निगम का 130 बेड का मॉडल अस्पताल है। प्रबंधन के मुताबिक, अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 1300 से अधिक मरीज पहुंचते हैं जबकि विभिन्न वार्डों में करीब 150 से 180 मरीज भर्ती हैं। परिसर में स्वास्थ्य कर्मियों के 24 आवासीय क्वार्टर भी हैं। इनमें स्वास्थ्य कर्मियों के 14 परिवार रहते हैं। अस्पताल में अलग-अलग दिन के हिसाब से आंख, ऑर्थो, ईएनटी समेत अन्य की करीब 10 से 15 सर्जरी प्रतिदिन होती हैं। इसके अलावा इमरजेंसी केस में यह संख्या 20 से अधिक हो जाती है।
डॉक्टरों की मानें तो सर्जरी के दौरान मेडिकल उपकरणों को स्टरलाइज करने, ऑपरेशन थिएटर और हाथ इत्यादि की सफाई के लिए पानी की जरूरत होती है। बिना पानी सर्जरी संभव नहीं है। यही हालात रहे तो इसके अलावा पानी की किल्लत के बाद पेयजल के अलावा वॉशरूम समेत अन्य साफ-सफाई का काम भी प्रभावित हो सकता है।
प्रबंधन के मुताबिक, बुधवार को 15 हजार लीटर क्षमता के टैंकरों से अस्पताल में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराई गई। अस्पताल के फायर टैंकर में भी पानी खत्म हो गया। आगजनी जैसी आपात स्थित में समस्या खड़ी हो सकती थी, इसलिए टैंकर की मदद से टंकी में पानी भरा गया।
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यह है मामला
सेक्टरवासियों ने ईएसआईसी अस्पताल में अवैध पानी कनेक्शन की शिकायत की थी, इसके बाद नगर निगम के क्षेत्रीय एसडीओ और जेई की अगुवाई में पहुंची टीम ने जेसीबी की मदद से अस्पताल का पानी का कनेक्शन काट दिया। इसके बाद से अस्पताल की जलापूर्ति बाधित है। गर्मी और उमस के बीच निगम की कार्रवाई से अस्पताल में भर्ती मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जलसंकट खड़ा हो गया है। प्रबंधन की ओर से अस्पताल में टैंकरों की मदद से जलापूर्ति कराई जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन और नगर निगम आमने-सामने
अस्पताल को किसी भी अनियमितता या अनुपालन मुद्दे के बारे में सूचित नहीं किया गया। हम घर से पीने का पानी लाएंगे लेकिन अस्पताल की सेवाएं बाधित नहीं होने देंगे। टैंकरों से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने दबाव में आकर बिना किसी लिखित नोटिस या सूचना के कार्रवाई की है। शाम चार बजे एसडीओ और जेई की अगुवाई में पहुंची टीम ने जेसीबी से अस्पताल का पानी का कनेक्शन काट दिया। हमारे पास पानी का कनेक्शन है, उसका शुल्क भी नियमित रूप से जमा करा रहे हैं। अस्पताल की सेवाएं अति आवश्यक सेवा में आती हैं। अस्पताल की ओर से कनेक्शन अपग्रेडेशन का आवेदन किया गया था।
- डॉ. अनीता मिड्डा, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी अस्पताल, सेक्टर-9ए
संस्थान का कनेक्शन अवैध था, दोबारा जोड़ा तो करवाएंगे केस
सेक्टर-9ए के स्थानीय लोगों की ओर से पेयजल संबंधी लगातार शिकायत आ रही थी। बीती 11 मई को ईएसआईसी अस्पताल की अवैध पेयजल कनेक्शन के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई। जांच में 50 मिमी व्यास की पाइपलाइन का कनेक्शन अवैध मिला। अस्पताल पर 5.17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है अगर जुर्माना 7 दिनों के भीतर नगर निगम कार्यालय में जमा नहीं कराया गया तो संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कनेक्शन घरेलू है मगर उसका व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है, जोकि उचित नहीं है। उन्हें जीएमडीए से कनेक्शन लेना चाहिए, अगर दोबारा अवैध पेयजल कनेक्शन किया गया तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
- संजीव कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम गुरुग्राम।