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Gurugram News: सफर का संकट...एक ही बस का सहारा

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गुरुग्राम बस डिपो पर खड़ी रोडवेज की बसे। संवाद
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लंबी दूरी की बसें नदारद, बस छूटी तो निजी वाहन का उपयोग बना मजबूरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम बस डिपो से दूसरे राज्यों में कम बस सेवाएं होने के कारण जिले के लोगों को काफी समस्या झेलनी पड़ रही है। अधिकांश रूटों पर केवल एक ही बस चलाई जा रही है, वह भी सुबह 10 बजे से पहले ही चलती हैं। ऐसे में यदि किसी यात्री की बस छूट जाती है तो उसके पास निजी बसों या ट्रेन का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम से लखनऊ के लिए मात्र एक बस सुबह 5:30 बजे ही रवाना होती है। हरिद्वार के लिए एक बस सुबह 7 बजे, देहरादून के लिए सुबह 8 बजे और हल्द्वानी के लिए भी सुबह 8 बजे बस चलाई जाती है। मुरादाबाद के लिए दो बसें हैं, जो 6:30 बजे और 9 बजे सुबह निकलती हैं।
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जम्मू कटरा के लिए दोपहर 12 बजे और 2 बजे बसें हैं, जबकि पंजाब के लुधियाना के लिए एकमात्र बस दोपहर 1 बजे रवाना होती है। चंडीगढ़ के लिए 11:20 बजे और 2 बजे बसें चलाई जाती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि गुरुग्राम से दिल्ली के लिए रोडवेज की कोई अलग बस सेवा नहीं है और यात्री डीटीसी बसों पर निर्भर हैं।
इन रूटों पर बसें नदारद

इसके अलावा अलीगढ़, प्रयागराज, बरेली जैसे प्रमुख शहरों के लिए गुरुग्राम डिपो से कोई सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं है, जिससे इन रूटों पर यात्रा करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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लोग बोले- बस छूट जाने पर होती है परेशानी
सुबह की बस छूट जाए तो पूरा दिन खराब हो जाता है। मजबूरी में महंगी निजी बस लेनी पड़ती है। -राजेश कुमार, बसई निवासी

हरिद्वार जाने के लिए सिर्फ एक बस है। अगर वह छूट जाए तो बच्चों के साथ काफी परेशानी होती है। फिर ज्यादा पैसे देकर निजी बस में जाना पड़ता है -प्रम शर्मा, पालम विहार निवासी

देहरादून के लिए एक ही बस है, समय भी ऐसा है कि हर किसी के लिए सुविधाजनक नहीं होता। कई बार बस निकलने के बाद निजी बस से जाना पड़ता है। -अमित यादव, सेक्टर- 9 निवासी

प्रयागराज के लिए सीधी बस नहीं है, जिससे हमें ट्रेनों में यात्रा करनी पड़ता है। अगर ट्रेन में टिकट न मिले तो बस से जा सकते है, मगर रोडवेज की बसे इस रूट पर चलती ही नहीं - अजय सिंह, दौलताबाद निवासी
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यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रूट और बसों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाई जा सकें। -गायत्री अहलावत, जीएम, गुरुग्राम बस डिपो
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