बढ़ते डीजल, टोल और ग्रीन टैक्स के विरोध में की जाएगी अहम बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बढ़ती महंगाई, डीजल की कीमतों और सरकार की टैक्स नीतियों के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने 21 से 23 मई तक दिल्ली-एनसीआर में तीन दिवसीय ‘चक्का जाम’ करने की चेतावनी दी है। इस दौरान कमर्शियल वाहनों का संचालन बंद रखने की बात कही गई है।
आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए 12 मई को गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित बीकानेरवाला में सुबह 10 बजे महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में एआईएमटीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सबरवाल शामिल होंगे। गुरुग्राम इकाई के प्रधान हुकम चंद शर्मा, जनरल सेक्रेटरी प्रदीप बी. मोदी सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उनका स्वागत करेंगे तथा आंदोलन को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे। जनरल सेक्रेटरी प्रदीप बी. मोदी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट कारोबार पहले ही डीजल की बढ़ती कीमतों, टोल टैक्स, इंश्योरेंस और परमिट शुल्क के बोझ से जूझ रहा है। इसके ऊपर ईसीसी (एनवायरनमेंट कंपेनसेशन चार्ज) और ग्रीन टैक्स ने ट्रांसपोर्टरों की आर्थिक स्थिति को और खराब कर दिया है।
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें ईसीसी और ग्रीन टैक्स में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेना, बीएस-6 वाहनों को इन टैक्सों से पूरी तरह मुक्त करना तथा बीएस-6 वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करना शामिल है। गुरुग्राम ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रधान हुकम चंद शर्मा ने सभी ट्रांसपोर्टरों से आंदोलन में एकजुट होकर शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, ताकि सरकार ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार करे।