संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मजदूरों की मांगों को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मिनी सचिवालय में ट्रेड यूनियनों ने कहा कि अगर सरकार समय रहते न्यूनतम वेतन बढ़ा देती, तो आज औद्योगिक क्षेत्र में अशांति नहीं होती।
उन्होंने बताया कि पहले भी ट्रेड यूनियन ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की रिपोर्ट सरकार को दी थी लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके कारण आज मजदूरों में नाराजगी फैल गई है। ट्रेड यूनियनों ने कहा कि केवल न्यूनतम वेतन की घोषणा करना ही काफी नहीं है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करना भी जरूरी है। कई कंपनियों में श्रमिकों से अनियमित समय पर काम लिया जाता है और ओवरटाइम का सही भुगतान नहीं किया जाता। ट्रेड यूनियनों ने रिचा कंपनी में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की और इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर एटक के राज्य महासचिव अनिल पवार, हिन्द मजदूर सभा के वरिष्ठ नेता जसपाल राणा, सीटू के जिला अध्यक्ष सुरेश नोहरा, इंटक के जिला अध्यक्ष मुकेश शर्मा व अन्य लोग मौजूद रहे।
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ट्रेड यूनियनों की मुख्य मांगें
न्यूनतम वेतन 33,000 रुपये प्रति माह तय किया जाए
ठेकेदार मजदूरों को स्थायी नौकरी दी जाए
ओवरटाइम राशि दोगुनी दी जाए
आंदोलन पर पुलिस हस्तक्षेप बंद किया जाए
खाद्य पदार्थों की कीमत उचित रखी जाए