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Gurugram News: 20.69 लाख रुपये गबन के मामले में तीन साल की सजा

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20.69 लाख रुपये गबन के मामले में तीन साल की सजा
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-एसडीएम कार्यालय में डाटा एंट्री का काम करता था दोषी
- छह साल पहले कर्नाटक के मैसूर से किया गया था आरोपी को गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एसडीएम कार्यालय (दक्षिण) में करीब छह साल पहले डाटा एंंट्री के पद पर तैनात योगेंद्र द्वारा 20.69 लाख रुपये गबन करने के मामले में जिला अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा दी है। इसके साथ ही दोषी पर अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जेएम फर्स्ट क्लास विक्रांत की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
2016 की मार्च में डाटा एंट्री ऑपरेटर योगेंद्र को 20.69 लाख रुपये बैंक में जमा करने के लिए दिए गए थे, लेकिन उसने पैसे बैंक में जमा नहीं कराए। एसडीएम सतीश यादव की शिकायत पर शहर गुरुग्राम थाना में शिकायत दी गई थी। सहायक जिला न्यायवादी ने हिमांशु यादव ने बताया कि ज्योति पार्क निवासी योगेंद्र 2016 में विकास सदन में डाटा एंट्री के पद पर तैनात था। 2016 की 16 ,17 व 18 मार्च की सरकारी फीस 20.69 लाख रुपये बैंक में जमा करने के लिए दिए थे, लेकिन बैंक में कोई तकनीकी खराबी के कारण पैसे जमा नहीं हो सके।
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इसके बाद 21 मार्च को उसको दोबारा से बैंक में पैसे जमा करने के लिए भेजा गया था, लेकिन पैसे जमा नहीं हुए। इसके साथ ही उसका मोबाइल भी बंद हो गया था। उसने 20.69 लाख रुपये में से सात लाख रुपये अपने दोस्त की मां के बैंक खाते में जमा करा दिए थे। इसकी जानकारी उसके पिता को मिली तो उन्होंने सात लाख रुपये अपने खाते में लेकर सरकारी खजाने में जमा करा दिए। 11 अप्रैल को आरोपी को कर्नाटक के मैसूर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दो लाख रुपये उसके घर से बरामद किए और 11.69 लाख रुपये रेवाड़ी के ततारपुर से बरामद किए थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने योगेंद्र को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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