20 करोड़ रुपये की लागत से 3360 मीटर लंबा बरसाती नाला बनेगा
सेक्टर-10 के पानी की निकासी का भी बनेगा विकल्प
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-37 मेट्रो स्टेशन समेत सेक्टर-37सी, 37डी और सेक्टर-9बी में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने तैयारी शुरू कर दी है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 3360 मीटर लंबा बरसाती नाला बनाया जाएगा। इसके निर्माण से इन सेक्टरों की कई आवासीय सोसाइटियों के साथ सेक्टर-10 क्षेत्र को भी जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है।
शहर में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। सेक्टर-37सी, 37डी और सेक्टर-9बी में भी बरसाती पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से विकसित इन सेक्टरों की मुख्य सड़कों के साथ बने नाले भी प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। सेक्टर-37सी और 37डी की मुख्य सड़क के दोनों ओर बने नालों की हालत खराब है। फुटपाथ के नीचे बने नाले कई जगह क्षतिग्रस्त हैं। कुछ जगहों पर जमीन संबंधी विवाद के कारण कई स्थानों पर नालों का आपस में जुड़ाव भी नहीं हो पाया है। इससे बरसाती पानी की निकासी प्रभावित होती है।
इन सेक्टरों में बड़ी आवासीय सोसाइटियों के साथ तेजी से नए मकान भी बन रहे हैं। इसे देखते हुए जीएमडीए ने नए बरसाती नाले की योजना तैयार की है। प्रस्तावित नाला सेक्टर-37सी स्थित एस्प्लांडे मॉल के पास से शुरू होकर सेक्टर-37डी और 9बी से होता हुआ रामप्रस्था सिटी के पास बादशाहपुर नाले में मिलेगा। एस्प्लांडे मॉल के पास ही गुरुग्राम मेट्रो का सेक्टर-37 स्टेशन बन रहा है। नाले के निर्माण से स्टेशन के आसपास बरसाती पानी की निकासी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे मेट्रो स्टेशन के आसपास जलभराव की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित नाले से पुराने शहर के सेक्टर-10 क्षेत्र को भी राहत दिलाने की उम्मीद है। सेक्टर-37 मेट्रो स्टेशन के दूसरी ओर स्थित सेक्टर-10 का कुछ हिस्सा निचले क्षेत्र में है, जहां बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या रहती है। ऐसे में सड़क के नीचे से निकासी की व्यवस्था कर सेक्टर-10 के बरसाती पानी को सेक्टर-37सी के नए नाले तक पहुंचाने का विकल्प पर भी भविष्य में काम किया जा सकता है। सेक्टर-10 में अस्पताल के पीछे बारिश में काफी जलभराव होता है। इससे पानी की निकासी बेहतर होने के साथ पुराने शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। जीएमडीए बॉक्स टाइप ड्रेन या पाइप आधारित ड्रेन बनाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। पाइप आधारित ड्रेन का विकल्प चुने जाने पर निर्माण कार्य अपेक्षाकृत जल्द पूरा होने की संभावना है।
नाले के निर्माण से आरएमजी रेजिडेंसी, कोरोना ऑप्टस, तक्षशिला हाइट्स, सिग्नेचर ग्लोबल सिटी, रामप्रस्था सिटी, बीपीटीपी पार्क सरीन, बीपीटीपी पार्क जनरेशन, बीपीटीपी टेरा और बीपीटीपी पार्क व्यू समेत कई आवासीय सोसाइटियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा बसई गांव और बसई एन्क्लेव पार्ट-एक व दो के निवासियों को भी बरसाती पानी की निकासी बेहतर होने से राहत मिल सकती है।
नए नाले से तीन सेक्टरों और कई कॉलोनियों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसका एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इसे जल्द सिरे चढ़ाया जाएगा।
- विक्रम सिंह, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए