अभिभावकों से मिल रही शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने चलाया विशेष अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत दाखिले के लिए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी अभिभावक और बच्चे शिक्षा विभाग तथा स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं। बच्चों का दाखिला नहीं हो पा रहा है जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस कारण शिक्षा विभाग की ओर से विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। विभाग को मिली शिकायतों के बाद मुख्यालय से आई टीम ने श्रीराम स्कूल, रायन इंटरनेशनल स्कूल और शिव नादर स्कूल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण टीम का नेतृत्व डॉ. मयंक वर्मा, संयुक्त परियोजना निदेशक ने किया। इस दौरान स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्लूएस) के बच्चों के प्रवेश से संबंधित रिकॉर्ड और व्यवस्था की गहन जांच की गई। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों पर यह बाध्यता है कि वे निर्धारित अनुपात में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को निशुल्क प्रवेश दें। इस नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह है नियम
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीट कमजोर बच्चों के लिए आरक्षित होती है। योजना के तहत विद्यार्थियों को निजी स्कूल में निशुल्क शिक्षा दी जाती है ऐसे विद्यार्थियों की फीस का भुगतान सरकार करती है।