इंस्टाग्राम पर व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप का लिंक भेजकर करते थे ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी करने के मामले में संलिप्त तीन आरोपियों को राजस्थाल के दौसा से गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने इंस्टाग्राम पर व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप का लिंक भेजकर लोगों को ग्रुप में जोड़कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। इन तीनों आरोपियों ने साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराया था। पुलिस ने आरोपियों से चार मोबाइल बरामद किए हैं।
तीनों आरोपी राजस्थान के दौसा जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान कांकरिया गांव निवासी विजेंद्र और बगड़ी गांव निवासी दिलखुश व विवेक कुमार के रूप में हुई है।
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मामले में ठगी गई राशि में से 73,556 रुपये आरोपी विजेंद्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। विजेंद्र ने अपना बैंक खाता आरोपी दिलखुश को 10 हजार रुपये में बेचा था। वहीं, दिलखुश ने बैंक खाता आरोपी विवेक को 20 हजार रुपये में बेच दिया था। आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम व फेसबुक पर वर्क फ्रॉम होम और क्रिप्टो करेंसी का विज्ञापन देते हैं। विज्ञापन में ये व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप का लिंक भेज देते हैं। जब कोई उनके द्वारा भेजे गए विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक करता है तो वह व्हाट्सएप चैट पर पहुंच जाता है। इसके बाद वे पहले फीस के नाम पर 499 रुपये ठगते हैं और फिर निवेश प्लान के नाम पर लोगों से मोटी रकम की ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं।
आगामी कार्रवाई के लिए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। साइबर ठगी में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कोई भी शिकायत दर्ज होते ही मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस की टीम आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजती है।
- प्रियांशु दीवान, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध), गुरुग्राम