जिला स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर रूप से कोरोना संक्रमितों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। जिला औषधि नियंत्रक टीम ने आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया है।
जिला औषधि नियंत्रक अमनदीप चौहान ने बताया कि उनके पास शिकायत आई थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी किए जाने की बात कही थी। शिकायतकर्ता ने इसे 14 हजार में खरीदने की बात कही थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए औषधि नियंत्रक की तरफ से एक टीम बनाई गई। टीम ने जांच शुरू की और नकली ग्राहक के जरिए कालाबाजारी करने वाले गिरोह तक पहुंची।
रेमडेसिविर इंजेक्शन को ब्लैक में देने के लिए एक आरोपी आरडी सिटी सोसाइटी के गेट पर आया था, जिसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। उससे पूछताछ के आधार पर ही टीम अन्य आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों की पहचान जितेंद्र, राजकुमार व कमल किशोर के रूप में की गई है।
आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-40 में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है। जिला औषधि नियंत्रक अमनदीप चौहान ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की वास्तविक कीमत 4 हजार रुपये है, लेकिन आरोपी इसे 25 हजार रुपये तक में बेचते थे।