पति-पत्नी के विवाद में पत्नी के भाई ने ससुर के साथ की थी मारपीट
मारपीट के दौरान हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पटौदी बस अड्डे के पास करीब 10 महीने पहले पति-पत्नी के बीच हुए विवाद में पत्नी के भाई व भतीजे द्वारा मिलकर उसके ससुर राजेश के साथ मारपीट कर हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश डॉ. विरेंद्र प्रसाद की अदालत ने दिया है। अदालत ने आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। पिछले साल 19 सितंबर को मारपीट के दौरान राजेश की मौत हुई थी।
बचाव पक्ष की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता परमवीर यादव ने बताया कि पिछले साल 19 सितंबर को सावित्री ने पटौदी थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके बेटे राजेंद्र की शादी हेलीमंडी के शिव कॉलोनी निवासी बबीता से हुई थी। उनका कहना था कि बीते कुछ समय से उसके बेटे का पत्नी के साथ मन मुटाव चल रहा था। इसके चलते 16 सितंबर को बबीता बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर रात को बबीता का भाई सुरजन उसका बेटा अजय व कुणाल अन्यों के साथ ऑटो में उनकी झुग्गी में आया। अचानक से उन्होंने उसके पति राजेश के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करनी शुरू कर दी।
इस दौरान वह अपने पति को बचाने के लिए आई तो उसके साथ भी मारपीट करने लगे। गंभीर हालत में राजेश को अस्पताल में भर्ती कराया,जहां पर डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।बचाव पक्ष के अधिवक्ता परमवीर यादव ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष आरोपियों पर आरोप साबित नहीं कर सका। इसके चलते अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सुरजन,अजय व कुणाल को आरोपों से बरी कर दिया है।