डीटीपीई ने सुशांतलोक क्षेत्र के 700 मकान मालिकों को सौंपे नोटिस
नंबर गेम- 25 अगस्त से अवैध निर्माणों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सुशांतलोक क्षेत्र में रिहायशी मकानों में बिना अनुमति के चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और नियम विरुद्ध निर्माण करने वाले घरों पर 25 अगस्त से जिला नगर एवं ग्राम योजनाकार (डीटीपी) विभाग की प्रवर्तन शाखा कार्रवाई शुरू करेगा। विभाग की तरफ से करीब 700 घरों को चिह्नित कर लिया है। साथ ही सभी घर मालिकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया गया है। अब विभाग की तरफ से घर मालिकों को नोटिस जारी कर घरों को अनुमति और नियमों के अनुसार बनाने के लिए नोटिस दिया जाएगा। इस नोटिस के बाद जो घर मालिक नियमों के अनुसार नहीं करते हैं तो विभाग की तरफ से सीलिंग और तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद कुछ घर मालिक स्टिल्ट फ्लोर पर कमरे बना लेते हैं। इसके साथ ही घर के पीछे का हिस्सा जो खाली छोड़ना होता है उस हिस्से में भी निर्माण कर दिया जाता है। स्टिल्ट फ्लोर को गाड़ी की पार्किंग में अन्य कामों के लिए रखा जाता है। वहां पर निर्माण होने की वजह से गाड़ी बाहर खड़ी कर देते हैं। सेक्टर की नौ और 12 मीटर सड़कों पर बाहर गाड़ी खड़ी होने से जाम की स्थिति बनती है।
शहर की सभी लाइसेंस कॉलोनियों की होगी जांच
डीटीसीपी से लाइसेंस लेकर विकसित की गई कॉलोनियों की भी विभाग जल्द जांच शुरू करने वाला है। इसके तहत शहर की सैकड़ों कॉलोनियों की जांच की जाएगी। अनुमति के अनुसार, कॉलोनी के पार्क, वाहनों की पार्किंग की जगह, सामुदायिक भवन के साथ ही अन्य चीजों की जांच की जाएगी। सर्वेक्षण के दौरान विभाग को यह देखने को मिला कि रिहायशी मकानों में कई तरह की व्यावसायिक गतिविधियां अवैध रूप से संचालित हो रही हैं, जिनमें ट्यूशन सेंटर, ब्यूटी पार्लर, रियल एस्टेट ऑफिस, क्लिनिक, गेस्ट हाउस, पीजी, किराना दुकान, प्रिंटिंग स्टेशनरी, स्पोर्ट्स टॉय शॉप, सलून, योगा और प्ले स्कूल आदि शामिल हैं। इसके अलावा भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करते हुए छतों पर अवैध कमरे, स्टील्थ पार्किंग को कमरों में तब्दील करना और कट-आउट एरिया को कवर करना भी पाया गया।
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सुशांतलोक क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण करने वाले घरों को चिह्नित कर लिया गया है। 25 अगस्त से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके साथ ही विभाग की अलग-अलग टीमें सभी लाइसेंस कॉलोनियों की जांच करने में जुटी हैं। -अमित मधोलिया, डीटीपी एनफोर्समेंट