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Gurugram News: जज की गिरफ्तारी से संपर्क में रहने वालों की धड़कनें बढ़ी

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गुरुग्राम की अदालत में एडीजे रह चुके हैं सुधीर परमार , भतीजा पहले ही जा चुका है जेल
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व्हाट्सएप चेट के चलते बढ़ा मामला, गिरफ्तारी का नहीं था अंदाजा

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार जज सुधीर परमार तीन साल तक गुरुग्राम जिला अदालत में एडीजे के पद पर रह चुके हैं। उनके जिस भतीजे के खाते में रुपयों का का लेन-देन हुआ है, उसके एमथ्रीएम बिल्डर से गहरे संबंध हैं। जज के भतीजे अजय परमार को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
ईडी के सूत्रों की माने तो जज के संपर्क में रहने वालों पर भी गाज गिर सकती है। जज की गिरफ्तारी के बाद उनके संपर्क में रहने वालों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। मूल रूप से भिवानी के रहने वाले सुधीर परमार का संपर्क ज्यादातर ऐसे नेताओं से था जो विपक्ष गुट से संपर्क रखते हैं । उनकी व्हाट्सएप चेट पर ईडी ने सवाल खड़ा किया है।
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भतीजा अजय परमार एमथ्रीएम के लीगल सेल में पहले से ही काम करता था। जिस दौरान वह गुरुग्राम की जिला अदालत में एडीजे थे। उस समय उनका भतीजा एमथ्रीएम के लिए काम करता था। जिस ट्रांसपोर्टर के खाते से 1.20 करोड़ रुपया नंबर एक में अजय परमार के खाते में आया है। उस ट्रांसपोर्टर का संबंध भी एमथ्रीएम के मालिकों से था। आरोप है कि न्यायाधीश भतीजे के माध्यम से ही एमथ्रीएम कंपनी को लाभ पहुंचाते थे।


निलंबित जज की गतिविधियों पर ईडी की है नजर

ईडी की ओर से निलंबित जज की गतिविधियों पर काफी दिन से नजर रखी जा रही है। उन्हें सीबीआई की अदालत में जज बनाने में सिफारिश करने वालों पर भी नजर है। व्हाट्सएप चेट के आधार पर उन पर शिकंजा कसा गया है। रिमांड के दौरान भतीजे के खाते में आने वाले रुपयों का वह जवाब नहीं दे पाए। ईडी की ओर से नोटिस देकर पूछताछ के लिए उन्हें बृहस्पतिवार को मुख्यालय बुलाया गया था। जहां पर ईडी ने देर शाम उसकी गिरफ्तारी डाली ।

एसीबी ने आठ ठिकानों पर की थी छापामारी

निलंबित जज सुधीर परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की आठ टीमों ने उनके आवास सहित आठ ठिकानों पर छापामारी हुई थी। एक टीम ने ट्रांसपोर्टर के यार्ड और उसके आवास पर भी छापेमारी की थी। एसीबी की टीम को काफी कुछ छापेमारी के दौरान मिला था।
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जज की निर्माणाधीन कोठी पर भी है जांच एजेंसी की नजर

जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि सुधीर परमार जिस मकान में रहते हैं। वह किराये का है। उनकी कोठी का निर्माण उसी इलाके में किया जा रहा है। जांच एजेंसी की ओर से एमथ्रीएम बिल्डर के साथ अन्य लोगों को लाभ पहुंचाने की भी जांच की जा रही है।
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