पांडव कालीन नल्हड़ महादेव मंदिर में शिवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 26 फरवरी को शिवरात्रि के मौके पर 350 कलश की यात्रा निकाली जाएगी। वहीं शाम के समय महादेव का चार पहर पूजन किया जाएगा। शिवरात्रि के अवसर पर नल्हड़ मंदिर में बीजेपी के वरिष्ठ नेता व सांसद अनुराग ठाकुर समेत कई हस्तियां पूजन में शामिल हो सकती हैं। वहीं, इस अवसर पर कई प्रदेशों से हजारों लोगों के आने की उम्मीद है।
नल्हड़ मंदिर कमेटी के प्रधान जीएस मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। नूंह स्थित गोशाला से 350 कलश की यात्रा निकलेगी। इसमें 350 महिलाएं कलश उठाएंगी। कलश यात्रा नूंह शहर से होते हुए नल्हड़ मंदिर पहुंचेगी। यात्रा के दौरान जो भक्त पैदल नहीं चल सकते हैं उनके लिए बस की सुविधा होगी। वहीं, शाम के समय चार पहर का पूजन किया जाएगा। नल्हड़ मंदिर में सुबह से ही भंडारे का आयोजन किया जाएगा। बता दें कि शिवरात्रि पर हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व दिल्ली समेत अन्य स्थानों से लोग नल्हड़ महादेव मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचंगे। मंदिर कमेटी की ओर से पांच से सात हजार लोगों के लिए प्रसाद का इंतजाम किया जा रहा है।
अनुराग ठाकुर समेत कई वीआईपी हो सकते हैं शामिल
शिवरात्रि के पर्व पर मंदिर में काफी भीड़ रहने की उम्मीद है। इस दिन कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के साथ अन्य वीआईपी भी मंदिर में दर्शन व पूजन के लिए आ सकते हैं। अभी तक बीजेपी के वरिष्ठ नेता व सांसद अनुराग ठाकुर के नलहड़ मंदिर में पूजा में शामिल होने की उम्मीद है। मंदिर कमेटी का कहना है कि जल्द ही उनके शामिल होने की पुष्टि की जाएगी।
इतिहास व मान्यता
मंदिर का संबंध राजा नल से जोड़ा जाता है, उन्होंने यहां भगवान शिव की आराधना की थी। माना जाता है कि यह मंदिर पांडव काल का है और इसका उल्लेख महाभारत से जुड़ा हुआ है। यहां स्थित शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है। यह मंदिर शिव भक्तों के लिए विशेष रूप से महाशिवरात्रि पर आस्था का केंद्र होता है। मान्यता है कि यहां जल अर्पण करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर के पास कदम के पेड़ से लगातार स्वच्छ जल निकलता है। लोगों का मानना है कि यह पांडवों के समय से निकल रहा है। यहां पर भगवान कृष्ण व पांडव आए थे। उन्होंने यहां पर शिवलिंग पर पूजा भी की थी। यह मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक विरासत के कारण प्रसिद्ध है।