बड़े उद्योगों के लिए इक्यूपमेंट बनाने वाली छोटी-छोटी इकाइयां तंग गलियों में मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम के बहुत सारे औद्योगिक इलाके ऐसे हैं, जहां भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री जैसी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्र जहां के उद्योगों की पूरी जानकारी भी एचएसएसआईडीसी को नहीं है, वहां पहले भी हादसे हुए हैं।
कादीपुर, गाड़ौली बसई, टेकचंद नगर, दौलताबाद से लेकर उद्योग विहार तक में छोटे-छोटे उद्योग गलियों में बिखरे हैं। बड़े उद्योगों के लिए इक्यूपमेंट बनाने वाली छोटी-छोटी इकाइयां ऐसी तंग गलियों में हैं, जहां आग जैसी घटना होने पर न तो फायर ब्रिगेड पहुंच सकती है न एंबुलेंस। सघन औद्योगिक क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर लचर है। सेक्टर 37 औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी केके गांधी कहते हैं कि गुरुग्राम में ऐसे बहुत सारे उद्योग हैं, जिसकी सूचना उद्योग विभाग के अधिकारियों को नहीं है।
गुरुग्राम में वर्ष 2024 में जून के महीने में टेकचंद नगर अग्निशमन के लिए केमिकल बनाने वाली एक फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ था। देर रात हुए इस ब्लास्ट में हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था मगर यह ब्लास्ट इतना जोरदार था कि आस-पास इलाके के कई घर टूट गए थे। टेकचंद नगर में रहने वाले राजेश मंडल बताते हैं कि मेरा घर उस जगह से 800 मीटर दूर है मगर हमारे इलाके के कई घरों के शीशे टूट गए थे। टेकचंद नगर, दौलताबाद, कादीपुर, बसई, राजेंद्रा पार्क जैसे इलाके में तंग गलियों के साथ फैक्टरियां बनी हुई हैं। दौलताबाद के उद्यमी हरीश गुप्ता कहते हैं कि तंग गलियों मे एंबुलेंस तक नहीं आ सकती है। अगर कहीं आग लग जाती है तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकती, एंबुलेंस नहीं आ सकती है।