अस्पताल प्रशासन ने कर दिया रेफर, सोहना एसडीएम को दी लिखित शिकायत
एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन को किया जवाब तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। नागरिक अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण एक महिला को डिलीवरी के बाद एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। महिला को रैफर कर दिया गया। महिला को निजी वाहन करके गुरुग्राम इलाज के लिए पहुंचना पड़ा। जिससे पीड़ित महिला के परिजनों को हजारों रुपये खर्चा करने पड़े। महिला के परिजनों ने मामले की शिकायत सोहना एसडीएम को लिखित रूप में दे दी है। शिकायत मिलने पर एसडीएम ने अस्पताल के एसएमओ को जवाब तलब किया है।
कस्बे के वार्ड नम्बर 18 निवासी महावीर सिंह ने एसडीएम कार्यालय में लगने वाले समाधान शिविर में अपनी पुत्र वधु संजू को डिलिवरी के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध न कराए जाने का आरोप लगाया है। महिला को बेटी के जन्म के बाद रक्त रिसाव हो रहा था। जिस पर अस्पताल प्रबंधन ने महिला को रेफर कर दिया था। पीड़ित के ससुर महावीर सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को उसकी पुत्र वधु ने बेटी को जन्म दिया था। रक्त रिसाव होने के कारण डिलिवरी कक्ष से डॉक्टरों ने संजू को रेफर कर दिया था। संजू की हालत रक्त रिसाव से गम्भीर होने लगी थी। रेफर किए जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनको एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। महिला संजू की हालत खराब होने के कारण उनको निजी वाहन से गुरुग्राम ले जाना पड़ा। महावीर सिंह ने बताया कि उन्होंने स्टाफ द्वारा बरती लापरवाही की शिकायत ऑनलाइन की थी। शिकायत करने के बाद अस्पताल के एसएमओ ने उनको 25 सितंबर को बुलाकर एम्बुलेंस न होने को मजबूरी बताते हुए मामले को रफा दफा करने की बात कही थी। महावीर सिंह ने यह भी बताया कि पुत्र वधु संजू के इलाज में उनका करीब एक लाख रुपये खर्च हुआ है। शिकायत मिलने पर एसडीएम ने नागरिक अस्पताल के एसएमओ से जवाब मांगा है।
क्या कहते हैं एसएमओ
नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. रणविजय बताते हैं कि अस्पताल में मात्र एक ही एम्बुलेंस है। उसके चले जाने पर दूसरे मरीज को इंतजार करना पड़ता है। पीड़ित महिला व उसके परिजनों को कुछ समय इंतजार करने को कहा गया था। किंतु वे जल्दबाजी में निजी वाहन से पीड़ित महिला को लेकर चले गए थे।