संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर के खोह गांव और कासन क्षेत्र की अरावली घाटी में लगातार अवैध रूप से कूड़ा डाला जा रहा है। जिससे इलाके में गंदगी और प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम मानेसर समस्या पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खोह गांव में बड़ी संख्या में किराएदार रहते हैं। इनमें से कुछ लोग घरों का कूड़ा अरावली की तलहटी में फेंक देते हैं। धीरे-धीरे कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं। जिससे आसपास बदबू फैल रही है और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
लोगों ने बताया कि अरावली क्षेत्र में कई प्रकार के वन्य जीव और पक्षी रहते हैं। कूड़े के कारण उनके प्राकृतिक वातावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है। प्लास्टिक और अन्य गंदगी जानवरों के लिए खतरा बनती जा रही है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में अरावली का संतुलन बिगड़ जाएगा।
इसी तरह मानेसर घाटी क्षेत्र में भी लगातार कूड़ा डंप किया जा रहा है। हाईवे के पास दुकान चलाने वाले कुछ लोगों ने बताया कि रात के समय कुछ वाहन यहां आते हैं और कूड़ा फेंककर चले जाते हैं। सुबह सड़क किनारे और घाटी में गंदगी फैली दिखाई देती है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि अवैध कूड़ा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि कुछ समय पहले मृत जानवरों को भी अरावली में डाला जा रहा था जिसको लेकर अमर उजाला ने समस्या को प्रमुखता से उठाया था।
-
बाइट्स
अरावली क्षेत्र में कूड़ा डंप किया जाता रहा तो आगे पूरा इलाका प्रदूषण की चपेट में आ जाएगा। -हरिशंकर प्रसाद, पर्यावरण प्रेमी
लोगों को गंदगी और बदबू के साथ बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। समस्या पर रोक लगाना चाहिए। -सूरज दास, पर्यावरण प्रेमी
अरावली में कूड़ा डालने से क्षेत्र में वन्य जीवों पर भी खतरा बढ़ने लगा है। इलाके में कार्रवाई करनी चाहिए। -मनमोहन नेगी, पर्यावरण प्रेमी
अरावली क्षेत्र में कई प्रकार के वन्य जीव और पक्षी रहते हैं। गंदगी जानवरों के लिए खतरा बनती जा रही है। -सूरज रतौरी, पर्यावरण प्रेमी