प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 की ओर बढ़ रहा देश
12 वर्षों में देश की संस्कृति और विरासत को मिली नई मजबूती
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में माता लल्लेश्वरी जैसे संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं हमारी नैतिक चेतना के साथ सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। प्रधानमंत्री की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। माता लल्लेश्वरी जी की अमर वाणी को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी ज्ञानधारा सदैव समाज को आत्मज्ञान, प्रेम, भाईचारे और समरसता का मार्ग दिखाती रहेगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को गुरुग्राम में कश्मीर हिन्दू प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित माता लल्लेश्वरी जी की 705वीं जयंती एवं श्री राधाष्टमी समारोह में उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर कश्मीरी समाज को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने माता लल्लेश्वरी जी पर आधारित एक गीत का पोस्टर भी लॉन्च किया। इसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू का विशेष योगदान रहा है। इस अवसर पर विभिन्न मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर मंदिर में माथा टेकने और गोशाला में गोसेवा करने के उपरांत कश्मीरी समाज के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि माता लल्लेश्वरी जी की शिक्षाओं और कार्यों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में भवन निर्माण हेतु संस्था द्वारा आवेदन किए जाने पर नियमानुसार भूमि आवंटित की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बहादुरगढ़ के सेक्टर-2 में कश्मीरी पंडितों को आवंटित प्लॉटों पर ईडीसी और आईडीसी के ब्याज की राशि, कुल 5 करोड़ 15 लाख रुपये रिफंड की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गोशाला समिति की मांग पर गोशाला की अप्रोच रोड की री-कार्पेटिंग करवाने की भी घोषणा की।
कश्मीर की विरासत पूरे भारत की साझा धरोहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर की धरती ने भारतीय दर्शन, साहित्य, आध्यात्मिक चिंतन और संस्कृति को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। माता लल्लेश्वरी की वाणी विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं के बीच सद्भाव का सेतु रही है। यह विरासत केवल कश्मीर की नहीं, बल्कि पूरे भारत की साझा धरोहर है।
कश्मीरी समाज के साथ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर और हरियाणा के बीच रिश्ता केवल सामाजिक या भौगोलिक नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, आध्यात्मिकता और भाईचारे का है। अनेक कठिन परिस्थितियों के बावजूद कश्मीरी समाज ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को जीवंत रखा है। हरियाणा में लगभग दो लाख कश्मीरी पंडित रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला में है। जबकि, अंबाला, करनाल, पानीपत और बहादुरगढ़ में भी कश्मीरी पंडित परिवार निवास करते हैं। हरियाणा में कश्मीरी पंडितों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
हरियाणा में गोशालाओं को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनी मंदिर गोशाला एक पवित्र स्थल है। वर्ष 2025-26 के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से यहां गोमाता के चारे के लिए करीब 9.24 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। गोशालाओं के लिए लगभग 18 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी। सोलर पैनल लगाने, बिजली की दर को 2 रुपये प्रति यूनिट करने तथा गोशाला निर्माण के लिए स्टांप ड्यूटी शून्य करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस अवसर पर विधायक तेजपाल तंवर, विधायक बिमला चौधरी, विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा, डॉ. राज नेहरू, पूर्व सांसद सुखबीर जोनपुरिया, हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन रामचंद्र कांबोज, सीपी शिवास कविराज, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, डीसी उत्तम सिंह, बादशाहपुर एसडीएम संजीव सिंगला सहित बनी मंदिर गौशाला प्रबंधन समिति तथा कश्मीरी समाज के गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।