अल्ट्रासाउंड नहीं होने से वापस लौटे मरीज, नागरिक अस्पताल की ओपीडी में भीड़ ज्यादा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहने से मरीजों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। आठ दिसंबर से शुरू हुई हड़ताल को चार दिन बीत चुके हैं, जिससे कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। मरीजों को सामान्य इलाज से लेकर सर्जरी तक के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। शहर के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण दूर-दराज इलाकों के मरीज सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आना पड़ रहा है। इससे अस्पताल की ओपीडी पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। मेडिसिन ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों तक डॉक्टरों को दिखाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के न होने से मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बिना अल्ट्रासाउंड कराए लौटे मरीज
नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों के लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन हाल ही में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण यह सेवा ठप हो गई है। बृहस्पतिवार को इस कारण कई महिलाओं को समय पर जांच नहीं मिल सकी और उन्हें बिना अल्ट्रासाउंड किए लौटना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन ने जल्द से जल्द सेवा बहाल करने का आश्वासन दिया है ताकि गर्भवतियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे स्वास्थ्य निदेशक
बृहस्पतिवार को सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य निदेशक पहुंचे थे लेकिन गुपचुप तरीके से अस्पताल से चले गए। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में जाकर एक मरीज से बातचीत की। ऐसे में उन्हें अस्पताल के बाकी ओपीडी में भी जाकर परिस्थिति का जायजा लेना चाहिए था। खासतौर से मेडिसिन ओपीडी में मरीजों का दबाव बना हुआ है, नियमित 450 से 500 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
न ढंग से मिल रहा इलाज न दवाई
अस्पताल में स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। इलाज कराने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। डॉक्टर जो दवाएं लिखते हैं, वे उपलब्ध नहीं मिल हैं। न तो ढंग से इलाज मिल पा रहा है न ही दवाएं मिल रही हैं। आम इंसान इलाज के लिए कहां जाए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोरी साफ दिखती है।
सुरेश कुमारी, मरीज
मैं दो दिन से अस्पताल में भर्ती हूं, लेकिन डॉक्टर ठीक से देखने नहीं आ रहे हैं। रिपोर्ट मांगने पर बार-बार आएगी कहकर टाल रहे हैं और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे। डाक्टरों की लापरवाही से इलाज में देरी हो रही है, जिससे चिंता और परेशानी बढ़ रही है।
आदित्य, मरीज
जिले में डॉक्टरों को हड़ताल से वापस बुलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिन वार्डों में डॉक्टर नहीं हैं, वहां ईएसआईसी और पीजी डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो। प्रशासन स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
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डाॅ. अलका सिंह, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग, गुरुग्राम