230 की थी रफ्तार ...कुबेर किंग खुद चला रहा था कार
- कोर्ट में सौंपे गए आरोप पत्र में अभियोजन ने लगाई 53 गवाहों की सूची
- आरोपी ने पहले बताई थी अपने चालक द्वारा कार चलाए जाने की बात
फोटो कैप्शन:- नगीना पुलिस थाने में पड़ा दुर्घटनाग्रस्त रोल्स-रॉयस का मलबा
राजूद्दीन जंग
नगीना/नूंह। मुंबई एक्सप्रेसवे पर रोल्स रॉयस फैंटम कार को खुद कुबेर किंग विकास मालू ही 230 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ा रहे थे। पुलिस से बचने की उन्होंने बहुत कोशिश की और अपने ड्राइवर को इस हादसे का जिम्मेदार बताया, मगर एसपी की देखरेख में चल रही सीआईए की जांच के सामने यह झूठ नहीं चल पाया। सीआईए ने अदालत में दाखिल किए अपने आरोप पत्र में हाईवे पर टैंकर को जबरदस्त टक्कर मारने और उसमें सवार दो लोगों की मौत का जिम्मेदार कुबेर ग्रुप के मालिक अरबपति विकास मालू को ही माना है। सीआईए ने दाखिल किए गए आरोप पत्र में 53 गवाहों की सूची को शामिल किया है।
अरबपति मालू की तेज रफ्तार गाड़ी से हुई दो लोगों की मौत के कारण उनके लिए रोल्स-रॉयस फैंटम लग्जरी कार फजीहत बन गई है। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर नगीना पुलिस थाना के गांव उमरी के पास 22 अगस्त 2023 को इस दुर्घटना में विकास मालू को 304ए का आरोपी बनाया। इसके बाद 23 अक्तूबर 2023 को सीआईए नूंह थाने पहुंचकर विकास मालू ने सरेंडर कर दिया। मामला चूंकि जमानती धाराओं का था। ऐसे में उन्हें उसी दिन थाने से जमानत दे दी गई। इससे पहले विकास मालू ने खुद को पाक साफ बताते हुए इस एक्सीडेंट का जिम्मेदार अपने ड्राइवर तसबीर को बताया था, लेकिन हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा के सीसीटीवी से जांच एजेंसी के हाथ वह सबूत लगे, जिसमें मालू के खुद कार ड्राइव किए जाने पर मुहर लग गई थी।
ऐसे हुआ था हादसा:
22 अगस्त 2023 को 11:15 बजे कुबेर कंपनी के मालिक विकास मालू अपनी एक दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ दिल्ली से फरीदाबाद बल्लभगढ़ होते हुए सोहना कट से दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर दाखिल हुए थे। हिलालपुर टोल प्लाजा पर सभी लग्जरी गाड़ियां बगैर टोल दिए आगे निकल गई थी। करीब 10 किलोमीटर आगे नगीना पुलिस थाना क्षेत्र की सीमा के गांव उमरी में एक यूटर्न पर मालू की तेज रफ्तार कार ने पानी के टैंकर में जोरदार टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत व एक घायल हुआ था। घटना स्थल के आसपास कोई नजदीक कट नहीं था, ऐसे में एंबुलेंस को भी 40 किलोमीटर घूम कर आना पड़ा था। इस मामले में मुनील यादव रसूलपुर जिला आजमगढ़ उत्तर प्रदेश की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
एएसपी की देखरेख में हुई जांच:
22 अगस्त 2023 की इस दुर्घटना के बाद रात्रि 10:30 बजे अज्ञात के खिलाफ नगीना पुलिस थाना में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 23 अगस्त, 24 अगस्त, 25 अगस्त और 26 अगस्त तक फाइल उपनिरीक्षक अशोक कुमार के पास रही थी। जबकि 26 अगस्त से, 29 अगस्त, 2 सितंबर, 3 सितंबर और 6 सितंबर से लेकर अब तक फाइल सीआईए प्रभारी नूंह भूपेंद्र के पास रही। उन्होंने जिला पुलिस उपाधीक्षक तावडू की देखरेख में पूरी जांच की थी। वहीं जिला नूंह के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने 22 अगस्त 2023 को आगे की जांच नगीना पुलिस थाना के बजाए सीआईए स्टाफ नूंह द्वारा करने के लिखित आदेश दिए थे। इसकी प्रति चार निचले अधिकारियों को भेजी थी। इसके बाद 27 अगस्त को जांच में शामिल होने के लिए कारोबारी विकास मालू को सीआईए नूंह ने पत्र जारी किया था।
हादसे में चोट लगी होने के कारण मालू को कई दिन बाद गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल से छुट्टी मिली थी। इसके बाद भी हो वह जांच में शामिल नहीं हो रहा था। आखिरकार बड़े स्तर पर दखल दी गई तो आरोपी को अपनी जमानत के लिए गिरफ्तारी देनी पड़ी।
53 गवाह मजबूती से रखेंगे पक्ष:
सुरेश कुमार, डॉक्टर लिनेट जोरी, डॉक्टर आर्दश चौधरी, डॉक्टर अमाकाल, मोहित बैंसला, संदीप कुमार, गौरव राणा, दिव्या जमवाल, नरेंद्र कुमार, रमेश कुमार, दीपांशु बुद्धिराजा, अमित मान, जयवीर सिंह, अमित कुमार, दिलकेश डागर, कुलदीप, प्रदीप, अमित सिंह, अक्षय खन्ना, करण शेट्टी, प्रदीप, तसवीर, जितेंद्र, नवीन कुमार, फूल कुमार, मोक्ष परदा साहनी, शिवकुमार, सुमेर, रौनक, दलबीर, नितिन शर्मा, प्रभारी मधुबन एफएसएल रिपोर्ट करनाल, नोडल ऑफिसर रिलायंस कंपनी, भूपेंद्र प्रभारी सीआईए नूंह, रतन सिंह प्रभारी नगीना, मुनील यादव, विजय कुमार, अमरदीप, पड़तुल सिंह, धर्मेंद्र, जितेंद्र, गौतम, मेडिकल कॉलेज के सीएमओ डॉक्टर जितेंद्र भाटिया, डॉक्टर मनप्रीत, डॉक्टर मुस्तफा, लेखराम, मोहम्मद वकील, सरफराज, सुरेश मैनेजर, डॉ. विनोद कुमार सिंह, अशोक कुमार उप निरीक्षक, पंकज शर्मा, चेतन गुप्ता समेत 53 गवाह बनाए गए हैं।
गैर जमानती नहीं है धाराएं:
कारोबारी विकास मालू के वकील ताहिर हुसैन देवला का कहना है कि नगीना पुलिस थाना में दर्ज केस नंबर 159 में आईपीसी की 279, 337 और 304-ए लगाई थी। यह तीनों धाराएं जमानती हैं। ऐसे में थाने से ही जमानत मिल गई। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद अदालती कार्रवाई चल रही है।
जुलाई में होगी सुनवाई:
नगीना पुलिस थाना के निरीक्षक रतन सिंह ने बताया कि उप पुलिस अधीक्षक की निगरानी में सीआईए नूंह ने जांच की थी। उन्होंने रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी है। अब नगीना पुलिस थाने से ही मामले में कार्रवाई चल रही है। जुलाई में अगली सुनवाई होगी। एक्सीडेंट की धाराएं जमानती थी, इसलिए जमानत दे दी गई।
..............राजूद्दीन जंग, नगीना/नूंह................