महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, कृष्णपाल गुर्जर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। क्षत्रिय महाकुंभ की ओर से रविवार को महाराणा प्रताप सिंह की जयंती पर सोहना के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में एक समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने युवाओं को महाराणा के इतिहास से परिचय कराया।
इसके साथ ही महाराणा प्रताप की जयंती पर केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर व बीजेपी प्रदेश प्रभारी ओम प्रकाश धनखड़ के साथ राजस्थान व उत्तर प्रदेश से लोग समारोह में पहुंचे थे।
समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पहले युवाओं की पीढ़ी को जो गलत इतिहास पढ़ाया गया है, उसे ठीक करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं का महिमा मंडन करने वाली हमारी इतिहास की किताबों में अब देश के सच्चे शूर वीरों व अमर बलिदानियों को उनका उचित स्थान दिया जा रहा है। एनसीआरटी की किताबों में आपको ये बदलाव धीरे धीरे नजर आने लगेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज देश में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हमारे सभी भूले बिसरे वीर बलिदानियों को याद कर उन्हें उचित सम्मान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय जनता पार्टी के हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि महाराणा प्रताप के लड़ने से हल्दी घाटी तीर्थ हो गया, इनके सवार होने से चेतक अमर हो गया। उन्होंने कहा कि उनकी तलवार के ऊपर भी गीत लिखें गए हैं।
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने महाराणा प्रताप की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस वजन के साथ वह युद्ध में लड़ते थे। उस वजन को आज के लोगों से उठाया भी नहीं जाता। इसके साथ ही उनके पराक्रम के सामने उनके दुश्मन भी झुका करते थे। इस समारोह में टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया, सोहना के विधायक संजय सिंह, पृथला के विधायक नयनपाल रावत, जिला परिषद के पूर्व चेयरमेन कल्याण सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष गार्गी कक्कड़, भाजपा प्रवक्ता सूरजपाल सिंह अम्मू, अरिदमन सिंह बिल्लू के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।
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केरला फाइल्स का विरोध करने वाले पीएफआई, आईएसआईएस के समर्थक
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने केरला फाइल्स फिल्म के समर्थन में बोलते हुए कहा कि दा केरला स्टोरी ने समाज के सामने सच्चाई लाने का काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ लोग आतंकवाद को बढ़ाने के लिए हिन्दू व ईसाई धर्म की बेटियों को बहलाकर फुसलाकर जोड़ लेते थे। अगर बेटी ने उनकी बात को मान लिया तो वह आतंकवाद के रास्ते पर जाने के लिए मजबूर हो जाती है। अगर बेटी मना कर देती है तो उसको गोली मार दी जाती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कुछ राजनैतिक दल फिल्म का विरोध कर रहे हैं वह लोग पीएफआई और आईएसआईएस को समर्थन करने वाले हैं।