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Gurugram News: अरावली पहाड़ में कूड़ा जलाने का सिलसिला जारी

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गांव चाहल्का में रात के समय कूड़ा-कबाड़ और जहरीले रसायनों से भरे कट्टों में लगाई आग
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। जिले के अरावली पहाड़ और वन क्षेत्र में अवैध रूप से कूड़ा-कबाड़ लाकर जलाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला तावड़ू उपमंडल के गांव चाहल्का का है, जहां जंगल सफारी के लिए प्रस्तावित अरावली पहाड़ में रात के अंधेरे में भारी मात्रा में कूड़ा-कबाड़ और जहरीले रसायनों से भरे कट्टों को फेंककर आग लगा दी गई। इस घटना से सैकड़ों पेड़-पौधे जल गए, जिससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोग भी जहरीले धुएं से परेशान हैं और वन्यजीवों के लिए भी खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीण शमीम सरपंच, लुकमान, इब्राहिम व अलीम आदि ने बताया कि चाहल्का गांव से सहसोला-किरुड़ी मोड़ की ओर जाने वाली सड़क के किनारे अरावली पहाड़ में चार अलग-अलग स्थानों पर कूड़ा और जहरीले रसायनों से भरे कट्टे फेंके गए हैं। इनमें आग लगने से पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं और धुएं का गुबार उठ रहा है। इस जहरीले धुएं से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि रात के अंधेरे में बड़े वाहनों से कूड़ा और रसायन लाकर फेंका जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचित किया है और वन विभाग मामले की जांच में जुटा है। ग्रामीण अपने स्तर भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कूड़ा कहां से लाया जा रहा है।
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हालांकि, अभी तक दोषियों का पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि इस क्षेत्र में जंगल सफारी प्रोजेक्ट प्रस्तावित है, जहां तेंदुए, गीदड़, बंदर, और बकरी जैसे वन्यजीव सक्रिय हैं। आग और जहरीले धुएं से इनके जीवन को भी खतरा है। वन्यजीव विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चाहल्का पहाड़ में कूड़ा फेंकने का यह पहला मामला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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