गुरुग्राम। आर्थिक रुप से कमजोर श्रेणी( ईडब्ल्यूएस कोटा) के तहत निजी स्कूलों में दाखिले की राह इस बार भी कठिन नजर आ रही है। एक ओर जहां मार्च के महीने में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाती थी। वहीं इस बार भी विभाग इसकी पूरी तरह अनदेखी कर रहा है। अब तक प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है। वहीं कोरोना महामारी के चलते सत्र 2020-21 में दाखिले नहीं हो पाए थे।
निजी स्कूलों में आगामी सत्र की दाखिला प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं निदेशालय ने ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत एक भी निर्देश जारी नहीं किया है। निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार इस प्रक्रिया को शुरू कराने में देरी कर रही है। आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिले के लिए विभाग द्वारा ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कराई जाती है। इसके बाद ड्रॉ आयोजित होते हैं। इस प्रक्रिया में अप्रैल तक दाखिले भी पूरे हो जाते हैं।
ईडब्ल्यूएस श्रेणी में प्रत्येक स्कूल की 10 फीसदी सीटों पर दाखिले दिए जाते हैं। वहीं दाखिला ले चुके विद्यार्थियों की खर्च राशि निदेशालय द्वारा निजी स्कूलों को दी जाती है। वहीं तकरीबन 5 सालों से निदेशालय द्वारा स्कूलों को खर्च राशि नहीं दी गई। बकाया राशि नहीं मिलने पर स्कूल भी इस प्रक्रिया में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। जिले में तकरीबन दस हजार सीटों पर दाखिला दिया जाता है।
सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए नहीं कर रहे विरोध
हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल यादव ने बताया कि ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत स्कूलों को सहायता राशि का भुगतान नहीं किया गया है। सभी स्कूल अपने खर्चे पर ही इन विद्यार्थियों को पढ़ाते आए हैं। बच्चों को पढ़ाने की सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए स्कूलों द्वारा विरोध नहीं किया जा रहा है, लेकिन सरकार को स्कूलों का बकाया राशि जल्द से जल्द जारी कर देनी चाहिए।
वर्जन-
2020-21 सत्र में कोरोना महामारी के चलते दाखिला प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। उसके बाद दाखिले नहीं हुए। वहीं इस बार सत्र पूरा नहीं हुआ है। सत्र पूरा होने के बाद ही ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत दाखिले होंगे। दाखिले के संबंध में निदेशालय द्वारा कोई निर्देश जारी नहीं किया है। - प्रेमलता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी