जीएमडीए की ओर से सेक्टर-112 से 115 में मास्टर ड्रेनेज लाइन बनाई जानी है
नंबर गेम- 15 से 20 फीसदी काम ही हुआ पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा सेक्टर-112 से 115 के बीच बनवाई जा रही मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में बरसात के दिनों में सेक्टरों के लोगों को जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। निर्माण एजेंसी अब तक 15 से 20 फीसदी काम ही पूरा कर पाई है। इसे पूरा करने की समय सीमा मई 2026 तय है।
जीएमडीए ने सेक्टर 112-115 तक मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण का ठेका नवंबर 2024 में जैन कंस्ट्रक्शन को दिया था। करीब 33 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत बरसाती पानी की निकासी के लिए लगभग 7.5 किलोमीटर लंबी ड्रेन का निर्माण किया जाना है।
निर्माण एजेंसी ने शुरुआत में काम तेजी से शुरू किया लेकिन बीच में कार्य की गति धीमी हो गई। अब तक केवल 15-20 प्रतिशत निर्माण ही हो पाया है। देरी के कारण जीएमडीए ने एजेंसी पर करीब सवा तीन करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। लोगों का कहना है कि धीमी निर्माण गति के कारण उन्हें धूल और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि यदि ठेकेदार समय पर काम नहीं कर पा रहा है तो ठेका समाप्त किया जाना चाहिए। कार्य में लगातार देरी पर भी इंजीनियर ठेकेदार पर मेहरबान रहे। नोटिस देकर कागजी कार्रवाई पूरा करते रहे। इससे नाले का निर्माण कार्य जोर नहीं पकड़ गया और काफी कम कार्य हुआ है।
शहर में जलभराव की गंभीर समस्या
सेक्टर-112 से 115 तक ड्रेनेज लाइन को लेग-1 ड्रेन से जोड़ने की योजना है। मानसून के दौरान मुख्य ड्रेन के किसी भी ओवरफ्लो को रोकने के लिए सेक्टर 115 में लेग -1 ड्रेन के पास एक पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण किया जाएगा। बारिश के दिनों में शहर में जल भराव एक गंभीर समस्या है। इसके बावजूद जीएमडीए के अधिकारी जल निकासी की योजनाओं को लेकर गंभीर नहीं है।
उन्हें हाल ही में इस परियोजना की जिम्मेदारी मिली है। एजेंसी के कार्य की समीक्षा की जाएगी और इसके बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। - विक्रम सिंह, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए