जिले के बाल विकास विभाग में हुए भ्रष्टाचार की कर रहा था जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के बाल विकास विभाग में करोड़ों रुपये के गबन के मामले की जांच करने वाला अधिकारी खुद भ्रष्टाचार के जाल फंस गया। वह गुरुग्राम एंटी करप्शन ब्यूरो ने जिला नूंह की आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी एसआई यशपाल को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी पर आरोपियों को गिरफ्तारी का डर दिखा कर एक लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है।
पुलिस विभाग से मिली जान जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2013 से 2020 तक जिला बाल विकास विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों पर सरकारी राशि के गबन व दुरुपयोग करने का आरोप था। गबन की गई सरकारी राशि करीब 3 करोड़ 22 लाख 52 हजार 204 रुपये थी। सरकारी राशि को गबन करने में बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी सहित विभाग के 21 कर्मचारी शामिल थे। आरोपियों ने अलग-अलग जिलों और राज्यों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के बैंक खाते में सरकारी राशि को ट्रांसफर कराया था। इस मामले में शिकायत मिलने पर एक लंबी जांच के बाद तत्कालीन जिला उपायुक्त धीरेंद्र खटगटा के आदेश पर 21 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ राशि को रिकवर करने के मामले में नूंह शहर थाना पुलिस ने जिला बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी, सहायक अधिकारी समेत 21 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। जिला नूंह की आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी एसआई यशपाल इसी मामले में जांच कर रहे थे। मामले के पांच आरोपियों निकालने की एवज में उप निरीक्षक ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की मामले की जांच करने वाले अधिकारी फिलहाल खुद भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार हो गए हैं।