गुरुग्राम। प्रदेश सरकार ने हरियाणा के सभी जिले में कई सरकारी स्कूलों को मॉडल संस्कृति स्कूलों में बदला है, जिनमें नए शैैक्षणिक सत्र सेे अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं की शुरुआत की जाएगी। फिलहाल, कोरोना संक्रमण के कारण आगामी 30 अप्रैल तक स्कूलों को बंद किया गया है। ऐसेे में मई माह में स्कूल खुलते हैं तो मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिला लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि वर्तमान में निजी स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावक परेशान हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम सेे पढ़ाई होने और फीस कम होने के कारण लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों से हटाकर मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिला कराने पर विचार कर रहे हैं।
बीते शैक्षणिक सत्र में कोविड-19 की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई ही बच्चों ने की थी। लेकिन निजी स्कूलों द्वारा बच्चों की पूरे साल की फीस मांगी जा रही है। इसमें ट्यूशन फीस के साथ ही वार्षिक शुुल्क भी जोड़े गए हैं। ऐेसे में कई निजी स्कूलों में पढ़नेे वाले बच्चों के अभिभावक प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। ऐेसे में हरियाणा के सभी जिलों में मॉडल संस्कृति स्कूल खुलने के बाद अभिभावकों के समक्ष एक विकल्प हैै कि वे निजी स्कूलों की बजाय मॉडल संस्कृति स्कूलों में अपना दाखिला करवा सकें।
मॉडल संस्कृति स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि अभिभावक अपनेे बच्चों के दाखिलेे सरकारी स्कूलों में करवाएं। वहीं, शिक्षकों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने वालों की हरसंभव मदद करके उनके दाखिले कराएं।
- प्रेमलता यादव, जिला मौैलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।