दुर्घटना के 24 घंटे बाद भी पीड़ित परिवारों को नहीं मिली कोई सहायता
पुष्पेंद्र शर्मा
फिरोजपुर झिरका। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे मेवात की सीमा से निकल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा यह हरियाणा के मेवात वासियों को तोहफा दिया गया था, लेकिन इस आधुनिक मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटना में होना अब आम बात हो गई है। वहीं, टोल कंपनी केवल टोल लेने तक ही सीमित रहा जाती है। किसी भी प्रकार की कोई सुविधा मुंबई एक्सप्रेसवे पर नहीं दी जा रही है।
अवैध पार्किंग दे रहीं दुर्घटनाओं को बढ़ावा : दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर जिले की सीमा में अनेक स्थानों पर रोड के किनारे होटल व ढाबे, चाय के खोखे रखे हुए हैं, जिनसे सामान खरीदने के चक्कर में वाहन चालक अवैध पार्किंग कर अपने वाहन को सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। जो मुख्य रूप से दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। इसके चलते लगातार कई हादसे हुए हैं। रविवार को भी दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध पार्किंग सड़क पर खड़े एक ट्रॉला में तेज रफ्तार कार जा घुसी, जिसमें कई लोग घायल हुए।
ओवरलोड वाहन से भी हादसों का खतरा : दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार ओवरलोड वाहनों की एंट्री जारी है। टोल एजेंसी को केवल टोल लेने से मतलब है वह ओवरलोड वाहन हो या बिना नंबर का वाहन हो, उसे किसी बात का कोई सरोकार नहीं। केवल वाहन पर फास्टैग होना अनिवार्य है, जिससे उनका टोल वसूला जा सके। तिघरा टोल से लगातार सैकड़ों मिटे हुए नंबर के वाहन खनिज सामग्री को ओवरलोड भरकर टोल को पार करते हुए तेज रफ्तार दौड़ते देखे जा सकते हैं।
पुलिस प्रशासन की लापरवाही : जिले की पुलिस लगातार वाहनों के चालान काटती हुई तो दिखाई देती है लेकिन दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों को खड़े करने वाले लोगों और मुख्य मार्ग पर सेल्फी लेने वाले वाहन चालकों, बिना नंबर के ओवरलोड वाहनों पर कोई नकेल पुलिस द्वारा कसी नहीं जा रही है।
दोषी गाड़ी चालक को मिली जमानत : फिरोजपुर झिरका थाना प्रभारी अमन सिंह ने बताया कि जिस गाड़ी से 11 लोग कुचले गए थे, जिनमें से सात लोगों की मौत हुई थी, उस गाड़ी के चालक मोनू को शनिवार को ही उसके गांव मोहम्मदपुर जिला महेंद्रगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे रविवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
परिवार को न तो सहायता और न ही आश्वासन : एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नूंह के सड़क हादसे में मारे गए सात लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ित परिजनों के लिए दी गई है, लेकिन घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ से न तो कोई आर्थिक मदद पहुंची है और न ही किसी प्रकार का आश्वासन परिजनों को दिया गया है। परिजनों का कहना है कि दुर्घटना के बाद फिरोजपुर झिरका के अस्पताल में लाने के बाद उन्हें नूंह के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन नूंह में भी घायल लोगों को इलाज नहीं मिलने के चलते उन्हें रोहतक के लिए रेफर कर दिया गया। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि सरकार द्वारा जब इतना बेहतरीन मार्ग बनाकर दिया है, तो मांडीखेड़ा अस्पताल में और फिरोजपुर झिरका के अस्पताल में ट्रामा सेंटर बने व यहां पर पर्याप्त चिकित्सकों की नियुक्ति हो।
एजेंसी द्वारा लगातार सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कार्य किया जा रहे हैं। टोल पर बैठे कर्मचारियों को ओवरलोड वाहनों को एंट्री नहीं देने के लिए पत्र दिया जा चुका है। पुलिस द्वारा लगातार अवैध रूप से किए हुए होटल ढाबा को बंद करवाया जा रहा है । -मुकेश कुमार , डिप्टी मैनेजर, टोल प्लाजा एनएचएआई।
पुलिस द्वारा समय-समय पर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर चालान किए जा रहे हैं। पुलिस ने मार्च माह में लगभग 576 से अधिक वाहनों के चालान करने के साथ एक वाहन की अवैध पार्किंग को लेकर एफ आई आर और 29 वाहनों को इंपाउंड करने का कार्य जिला यातायात पुलिस नूह द्वारा किया गया है। -पवन कुमार , जिला यातायात थाना प्रबंधक नूंह।