भतीजे का आरोप- रंजिश में की हत्या, मारी थीं पांच गोलियां
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मंगलवार शाम गांव हयातपुर में शराब ठेकेदार की गोली मारकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी शूटर को अपराध शाखा मानेसर की टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को गांव नजफगढ़ के पास से पकड़ा है। आरोपी की पहचान टेकचंद उर्फ मोहित निवासी खेड़ा खुर्रमपुर, फर्रुखनगर (गुरुग्राम) के रूप में हुई है।
पुलिस चौकी सेक्टर-93 क्षेत्र में गांव हयातपुर स्थित जोतराम चौक पर दिनेश यादव के कार्यालय में बीते मंगलवार की शाम दो बदमाशों ने फायरिंग की। कार्यालय में उपस्थित तीन लोगों बलजीत यादव निवासी हयातपुर, रविंद्र निवासी उत्तर प्रदेश वर्तमान निवासी हयातपुर और राम कौशिक निवासी हयातपुर को गोली लगी। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। गोली लगने से घायल हुए शराब ठेकेदार बलजीत यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, घायल रविंद्र व राम कौशिक अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
मृतक बलजीत यादव के भतीजे दिनेश यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने झज्जर में शराब के काफी ठेके लिए हुए हैं। इससे पहले एक विपक्षी पक्ष जिसमें ओम भगवान, दीपक, मोहित भूरिया, नरेश सेठी ठेके लेते आए थे। इनके द्वारा ठेके लेने पर वह रंजिश रखने लगे। बीते मंगलवार को दिनेश यादव, चाचा बलजीत यादव व उनके अन्य साथी जोतराम चौक हयातपुर में कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान दो व्यक्ति उनके कार्यालय में आए और दिनेश यादव के बारे में पूछने लगे। कार्यालय में मौजूद साथी ने उसे दूसरे कार्यालय में जाने को कहा।
इसके बाद दोनों लोग कार्यालय से बाहर चले गए और तुरंत वापस आकर कार्यालय में फायरिंग शुरू कर दी। एक व्यक्ति ने बेड पर सो रहे बलजीत यादव को गोली मारी, जबकि दूसरे व्यक्ति ने रविंद्र को गोली मारी। फायरिंग करने के बाद जब दोनों व्यक्ति भागने लगे तो कार्यालय में मौजूद राम कौशिक ने उनको पकड़ने की कोशिश की। उन व्यक्तियों ने राम कौशिक के पैर पर गोली मार दी और बाइक पर सवार होकर भाग गए।
डेयरी पर चला जाता बलजीत, तो बच जाती जान
- पोते को डॉक्टर से दिखाने के बाद कार्यालय में आकर सो गया था बलजीत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गांव हयातपुर स्थित कार्यालय में बीते मंगलवार की शाम लगभग चार बजे हुई फायरिंग में बलजीत यादव की मौत हो गई। बुधवार की दोपहर शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। मृतक बलजीत यादव ने गांव में ही डेयरी का काम भी किया हुआ है। डेयरी में बलजीत यादव ने लगभग 15 भेंस रखी हुई हैं और सुबह व शाम के समय वह डेयरी में जाता था। बीते मंगलवार को भी दोपहर के बाद अगर बलजीत यादव डेयरी में चला जाता तो उसकी जान बच जाती।
बलजीत यादव के परिवार में उसकी पत्नी हैं और बेटे व बेटी की शादी हो चुकी है। मृतक बलजीत यादव का बेटा टाइल कंपनी का काम करता है। बलजीत यादव बीते मंगलवार को अपने पोते की तबीयत खराब होने के चलते उसको डॉक्टर के पास ले गया था। पोते को डाॅक्टर से दिखाने के बाद वह डेयरी में जाने की बजाय अपने भतीजे दिनेश यादव के पास कार्यालय में आकर सो गया था। मृतक के चाचा चरण सिंह ने बताया कि गांव में बलजीत यादव के साथ किसी भी व्यक्ति की कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। जिला झज्जर में ही शराब के ठेके खोलने को लेकर कुछ समय से एक ग्रुप के साथ रंजिश थी।
बलजीत यादव को लगीं पांच गोलियां:
कार्यालय में फायरिंग के दौरान एक बदमाश में बेड पर सो रहे बलजीत यादव पर गोलियां चलाईं। बलजीत यादव को पांच गोलियां लगने से मौत हो गई। इसमें तीन गोलियां शरीर के आरपार हो गईं, जबकि दो गोली शरीर में ही मिली थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. दीपक माथुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान दोनों गोलियां निकाल दी गई हैं। एक गोली छाती से निकाली है, जबकि दूसरी गोली ने बांये हाथ में फंसी हुई थी।