मान्यता न मिलने से छात्र परेशान, कहा- उनकी डिग्री कहीं भी स्वीकार्य नहीं होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन में बीए-बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स कर रहे 300 से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि दाखिला लेते समय उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि पाठ्यक्रम राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त है लेकिन अब तक मान्यता नहीं मिलने से छात्रों में गहरी निराशा है।
छात्र आयुष का कहना है कि मान्यता न मिलने की स्थिति में उनकी डिग्री कहीं भी स्वीकार्य नहीं होगी और न ही उन्हें सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी मिल पाएगी। इससे उनका भविष्य अधर में लटक हुआ है। छात्रों ने बताया कि 2021 में उन्हें दाखिला दिया गया था और लगातार चार साल पढ़ाई पूरी करने के बावजूद मान्यता का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। ओडिशा, बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों से आए छात्रों का कहना है कि प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा। छात्रा मनीषा का कहना है कि जब दाखिला लिया गया था, तब मान्यता मिलने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब स्थिति उलझती जा रही है। छात्रों ने एनसीटीई और हरियाणा सरकार से जल्द से जल्द पाठ्यक्रम को मान्यता प्रदान करने की मांग की है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके और उन्हें रोजगार के अवसर मिल पाएं।
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इन सभी विद्यार्थियों के लिए समाधान करने की बात की जा रही है। कोर्ट में 15 अक्तूबर को सुनवाई होगी, उम्मीद है कि इसके बाद समाधान मिल जाएगा। -डॉ राकेश श्योराण, एसआईएएसटीई