मानसून में एक माह का समय बाकी, अब तक नालों की 45 फीसदी ही हो पाई है सफाई
नंबर गेम - 120 किमी मास्टर सड़कों के साथ बने नालों की सफाई का काम तेज
2.07 करोड़ रुपये होंगे खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानसून में करीब एक माह का समय बचा हुआ है। ऐसे में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) पानी निकासी के इंतजामों को सिरे चढ़ाने में तेजी से लगा है। सफाई के लिए जारी किए गए करोड़ों के बजट में से अब तक सेक्टर-1 से 57 तक 120 किलोमीटर मास्टर सड़कों के साथ बने सतही नालों की करीब 45 फीसदी सफाई ही हो पाई है।
मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या रहती है। इससे प्रदेश सरकार की काफी किरकिरी होती है। हर साल प्रदेश सरकार के दावे बारिश के पानी में बह जाते हैं। स्थानीय मंत्री और विधायक इसके बचाव के लिए अलग-अलग तर्क देते हैं। वहीं, प्रमुख सड़कों पर जलभराव से पूरा शहर थम जाता है और शहर की बदनामी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक होती है।
ऐसे में प्रदेश सरकार ने जीएमडीए और नगर निगम गुरुग्राम को मानसून से पहले जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जीएमडीए शहर के प्रमुख लेग-1, लेग-2 और लेग-3 नालों की सफाई तेजी से करा रहा है। जीएमडीए इन नालों की सफाई के लिए सुपर सकर मशीन की भी सेवाएं ले रहा है, ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके और नालों में जमी गाद को तेजी से निकाला जा सके।
बख्तावर चौक से राजीव चौक तक होगी गाद-सफाई
मानसून 2026 से पहले शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जीएमडीए ने बरसाती नालों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव और पंपिंग व्यवस्था को लेकर कई बड़े टेंडर जारी किए हैं। सबसे बड़ा कार्य बख्तावर चौक से सुभाष चौक और वहां से अंडरपास क्रॉसिंग होते हुए राजीव चौक तक मुख्य बरसाती नालों की गाद-सफाई (डिसिल्टिंग) से जुड़ा है। इसके तहत बख्तावर चौक से मेदांता रोड तक एनएच-48 के साथ-साथ, सेक्टर-31 सिल्वर जुबली पार्क और हीरो होंडा चौक से अस्थायी निपटान स्थल तक ड्रेनों की सफाई की जाएगी। योजना में 800, 1400 और 1800 एमएम व्यास के पाइप व 2.40x1.50, 3.0x1.80 और 2.00x3.0 मीटर आकार के बॉक्स ड्रेन शामिल हैं। करीब 5045 मीटर लंबाई वाले इन नालों की सफाई हाई-पावर सुपर सकर मशीन से की जाएगी। इस कार्य पर लगभग 2.07 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बारिश में कर्मचारियों की होगी तैनाती
सेक्टर-24 से 57 तक मानसून 2026 के दौरान बरसाती पानी की निकासी प्रणाली के वार्षिक रखरखाव के लिए भी टेंडर जारी किया गया है। योजना में कर्मचारियों की तैनाती, मशीनरी किराये पर लेना, नालियों की मरम्मत और रखरखाव समेत अन्य संबंधित कार्य शामिल हैं। इस कार्य का अनुमानित मूल्य 2.98 करोड़ रुपये रखा गया है।
सेक्टर-1 से 23 तक जलभराव से निपटने को तैनात होगी टीम
सेक्टर-1 से 23 तक ड्रेनेज सिस्टम के वार्षिक रखरखाव के लिए अलग टेंडर जारी किया गया है। इसमें भी कर्मचारियों की तैनाती, मशीनरी की व्यवस्था और नालियों की मरम्मत व रखरखाव शामिल हैं। इस परियोजना पर करीब 2.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
तीन महीने हेतु पंप और डीजी सेट की व्यवस्था
मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जीएमडीए ने तीन महीने की अवधि हेतु पंप और डीजी सेट की व्यवस्था, संचालन और रखरखाव के लिए भी टेंडर जारी किया है। इस कार्य का अनुमानित मूल्य 97.08 लाख रुपये है।
बादशाहपुर नाले की भी होगी सफाई
वाटिका चौक से डीपीजी इंजीनियरिंग कॉलेज, सेक्टर-34 तक स्टॉर्म वॉटर ड्रेन लेग-3 (भाग) की गाद-सफाई हाई-पावर सुपर सकर मशीन के उपयोग से की जाएगी। यह बादशाहपुर नाला और न्यू गुरुग्राम में पानी निकासी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस कार्य पर करीब 2.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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सेक्टर-1 से 57 तक मास्टर सड़कों के साथ करीब 120 किलोमीटर सतही नालों की सफाई का करीब 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है। एक माह में पानी निकासी के इंतजामों को पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन बेल्ट को भी सड़कों से नीचे किया जा रहा है। जीएमडीए का प्रयास है कि समय रहते पानी निकासी की व्यवस्था पूरी कर ली जाए। -अमित कुमार, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए
शहर के प्रमुख तीनों लेग की सफाई का कार्य अंतिम चरण में है। इसके लिए बड़ी मशीनों के साथ सुपर सकर मशीनों की सेवाएं ली जा रही हैं। लेग-4 को भी शुरू करने की तैयारी चल रही है। -विक्रम सिंह, कार्यकारी अभियंता (ड्रेनेज), जीएमडीए