ख्वासपुर की पंचायत में भूमि के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
12 अक्तूबर को मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास करेगा प्रतिनिधिमंडल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ख्वासपुर में शहीदी स्मारक से जुड़ी जमीन का विवाद अब मुख्यमंत्री तक पहुंचने जा रहा है। रविवार को गांव में हुई पंचायत में ग्रामीणों, शहीद परिवारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भूमि के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने भूमि तबादले की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पंचायत में सवाल उठा कि ग्रामसभा के मूल प्रस्ताव में जमीन शहीदी स्मारक या सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित थी। फिर बाद के रिकॉर्ड में उसकी स्थिति कैसे बदली, यह स्पष्ट किया जाए। ग्रामीणों ने मूल प्रस्ताव, नक्शे, इंतकाल और राजस्व दस्तावेज की जांच की मांग की। ख्वासपुर के सरपंच सतपाल ने अदालत में पेश एक दस्तावेज में अपने नाम और मोहर के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। वह 16 अक्तूबर को शपथपत्र दाखिल कर अपना पक्ष रखेंगे। पूर्व सरपंच प्रहलाद ने अपने कार्यकाल में ग्रामसभा स्तर पर चूक स्वीकार की। पंचायत ने जांच में चूक और भूमि की स्थिति बदलने के आधार स्पष्ट करने को कहा।
12 को सीएम से मिलने का करेंगे प्रयास
जमालपुर के सरपंच सतीश उर्फ सत्तन की अध्यक्षता में पंचायत हुई। इसमें एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया गया। यह प्रतिनिधिमंडल 12 अक्तूबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने का प्रयास करेगा। प्रतिनिधिमंडल भूमि तबादले की जांच, शहीदी स्मारक का संरक्षण और स्मारक के पास पार्क विकसित करने की मांग रखेगा। पंचायत ने निजी पक्ष को वैकल्पिक पंचायती भूमि देने पर विचार करने का प्रस्ताव रखा और कहा कि समाधान तक शांतिपूर्ण तरीके से मांग जारी रहेगी।