नियमित रूप से लिए जा रहे सैंपल, जांच के लिए भेजे जाते हैं दिल्ली
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग खसरा और पोलियो जैसी संक्रामक बीमारियों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। विभाग की ओर से समय-समय पर निगरानी की जा रही है और खसरा के संभावित मामलों के सैंपल नियमित रूप से लिए जा रहे हैं। बीते वर्ष 2025 में जिले में खसरा के कुल नौ मामले सामने आए थे, लेकिन समय पर वैक्सीनेशन होने के कारण सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए थे।
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को बुखार के साथ रैश (चकत्ते) दिखाई देते हैं, तो तुरंत स्वास्थ्य टीम की ओर से उसका सैंपल लिया जाता है। ये सैंपल जिले से एकत्र कर जांच के लिए दिल्ली स्थित एनसीडी (नेशनल सेंटर फॉर डिजीज) लैब में भेजे जाते हैं, जहां जांच की सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बच्चों का समय पर टीकाकरण कराएं और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
पिछले साल भेजे गए थे 143 सैंपल
विभाग के अनुसार, अब तक कुल 143 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. जयप्रकाश ने कहा कि सैंपल विशेष रूप से उन मरीजों के लिए लिए जाते हैं, जिनमें बुखार के साथ रैश की समस्या सामने आती है। बीते वर्ष जांच के बाद सभी सैंपल की रिपोर्ट सामान्य पाई गई है। इस वजह से वहीं गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग को 4.18 पाइंट मिले जो कि तय मानकों के अनुसार दो पाइंट से अधिक हैं।
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खसरा के लक्षण
-सूखी खांसी
-बहती नाक
-आंखों का लाल होना और पानी आना
-पूरे शरीर पर लाल धब्बेदार दाने
खसरा और पोलियो को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सतर्कता बनाए हुए है। किसी भी संदिग्ध मामले के सामने आते ही तुरंत सैंपल लिए जाते हैं और जांच के लिए दिल्ली स्थित लैब में भेजे जाते हैं, ताकि समय रहते बीमारी की पुष्टि और रोकथाम की जा सके। -
डाॅ. लोकवीर, सीमएओ, स्वास्थ्य विभाग, गुरुग्राम