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उच्च शिक्षा संस्थानों में रचनात्मक संवाद की संस्कृति प्रोत्साहित हो : रामबहादुर राय

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एसजीटी विश्वविद्यालय में विकसित भारत में हमारा योगदान विषय पर व्याख्यान में रखी राय
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गुरुग्राम। एसजीटी विश्वविद्यालय में स्वाध्याय-मंडल के बैनर तले विकसित भारत में हमारा योगदान विषय पर विचार व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका और उच्च शिक्षा में बौद्धिक विमर्श की आवश्यकता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, एसजीटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पद्मभूषण राम बहादुर राय ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययन, चिंतन, आलोचनात्मक दृष्टि और रचनात्मक संवाद की संस्कृति को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
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मुख्य अतिथि रामलाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने व्यक्तिगत योगदान, सामाजिक समरसता और राष्ट्र प्रथम की भावना को विकसित भारत की आधारशिला के बारे में बताया। उन्होंने भी अपना विचार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय में स्वाध्याय-मंडल की स्थापना को बौद्धिक विमर्श, सतत अध्ययन, सार्थक संवाद और जागरूक रूप से उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण की दिशा में पहल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि । कार्यक्रम में एसजीटी विश्वविद्यालय के प्रबंध न्यासी मनमोहन सिंह चावला, गवर्निंग बॉडी के सदस्य राज कुमार भाटिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. जे. राव सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में संकाय सदस्य उपस्थित रहे। संवाद
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