-शिकायतकर्ता की याचिका को निचली अदालत ने कर दिया था खारिज
-दिल्ली मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री समेत केंद्रीय अधिकारियों को बनाया गया था प्रतिवादी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों को एनसीआर क्षेत्र में चलाने पर रोक और स्क्रैपिंग के मामले में जिला अदालत ने निचली अदालत का रिकॉर्ड तलब किया है। अदालत में दायर की गई याचिका को निचली अदालत ने 14 जुलाई को खारिज कर दिया था। अब इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगदीप सिंह की अदालत में दो सितंबर को सुनवाई होगी।
अधिवक्ता की ओर से दायर याचिका में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पुराने वाहनों पर लगाई गई रोक को नियमों का उल्लंघन बताया था। याचिका में कहा गया कि गलत तरीके से वाहनों को बंद किया जा रहा है। याचिका में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली सरकार में परिवहन सचिव निहारिका राय, दिल्ली पुलिस आयुक्त यातायात अजय चौधरी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात, दिनेश गुप्ता, पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत समेत अन्य को प्रतिवादी बनाया गया था।
14 जुलाई को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए सुनने से इंकार कर दिया था। अदालत की टिप्पणी थी कि जिन को प्रतिवादी बनाया गया है, उन पर मामला चलाने से पहले मंजूरी की जरूरत होती है। इस पर अधिवक्ता ने ऊपरी अदालत में याचिका दायर की है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत ने इस मामले में निचली अदालत का रिकॉर्ड तलब किया है। 2 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।