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Gurugram News: अनाजमंडी का हाल-बेहाल, वाटर कूलर डब्बे में बंद तो शौचालय पर जड़ा ताला

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उठान न होने से आढ़ती परेशान, सुविधाओं के अभाव में किसान परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले की अनाजमंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां किसानों के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय खुले हुए हैं। इतनी ही नहीं मंडी से गेहूं का उठान नहीं होने के कारण भी आढ़ती परेशान है। जबकि मंडियों में किसान की फसल की बिक्री शुरू होने से पहले चंड़ीगढ़ से लेकर मंडी स्तर पर खूब बैठकें होती हैं। सभी मुख्यमंत्री से लेकर प्रशासनिक अधिकारी किसानों को मंडियों में सुविधा देने के बड़ी-बड़ी बात कहते हैं। सरकारी स्तर पर दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन वो शायद कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं। इस बात कोई और नहीं बल्कि नूंह में स्थित अनाजमंडी के हाल कह रहे हैं। अनाजमंडी में किसानों को मिल रही सुविधाओं को लेकर रविवार को अमर उजाला की टीम ने मंडी का दौरा किया।
शौचालय पर ताला : नूंह की अनाजमंडी में दो शौचालय बने हुए हैं। खरीद सीजन शुरू होने से पहले इन पर खर्चा कर इन्हें शुरू करने की बात तो मंडी प्रशासन ने कही, लेकिन फिलहाल साइबर थाने के पास वाले शौचालय का ताला आज तक नहीं खुला है। ऐसे में किसान या तो आढ़तियों की आढ़त में बने शौचालय का इस्तेमाल करते हैं या फिर खुले में लघुशंका करते हैं।
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वाटर कूलर खरीदे, लेकिन लगाए नहीं : मंडी प्रशासन ने मंडी में किसानों व मजदूरों के पीने के पानी के लिए अपने कार्यालय समेत तीन स्थानों पर वाटर कूलर लगाए हुए हैं, जो अधिकांश समय खराब पड़े रहते हैं। इस बार लोगों को सुविधा मुहैया कराने के लिए दो नए वाटर कूलर खरीदे भी गए, लेकिन उन्हें अभी भी पैक्ड कार्टून से बाहर नहीं निकाला गया है।
उठान न होने से आढ़ती परेशान : इन दिनों नूंह की अनाजमंडी में गेहूं के ढेर लगे हुए हैं, जो बारिश होने से न केवल खराब हो सकते हैं, बल्कि आढ़ती से लेकर सरकार को भी काफी नुकसान हो सकता है। आढ़तियों के फड गेहूं से भरे होने के कारण वे भी किसानों को गेहूं मंडी में लाने से रोक देते हैं। वहीं, किसान के पास गेहूं को रोकने के लिए संसाधन नहीं होते व वह जल्द से जल्द फसल को काटकर मंडी पहुंचाना चाहते हैं, इसलिए उसे भी उठान के कारण अप्रत्यक्ष रूप से परेशानी हो रही है। वहीं, कुछ आढ़तियों ने खरीद एजेंसी व उठान का टेंडर लेने वाले ठेकेदार पर नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया है कि यदि उठान न होने की शिकायत करें तो उनकी आढ़त से जो गाड़ी लोड होकर जाएगी, उसमें सौ तरह की कमियां निकालकर गाड़ी को रोक देते हैं। इसलिए वे भी खुलकर कुछ बोल नहीं पाते। बल्कि गाड़ी वालों को भी हर गाड़ी के उठान पर पैसे देने पड़ते हैं।
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उठान शुरू हो गया है। लेबर व गाड़ी कम होने से उठान की गति थोड़ी कम है, जिसे सोमवार से बढ़ाया जाएगा। यदि ठेकेदार उठान में देरी करता है तो उपायुक्त से मिलकर दूसरा विकल्प तलाशा जाएगा। जो शौचालय बंद है, वह कंडम हो चुका है, उसे नया बनाने के लिए संबंधित विभाग को लिख दिया गया है। वाटर कूलर थोड़ी देर से आए थे, इन दिनों मंडी में गेहूं की आवक ज्यादा है, बाद में इन वाटर कूलरों को लगवाया जाएगा। - मनोज कुमार, सचिव, अनाजमंडी, नूंह
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