उपभोक्ता आयोग से
33 लाख रुपये बैंक को भी वापस करेगी
अगस्त 2019 में लैंडस्टार होम्स के बंग्लुरु के प्रोजेक्ट में किया था फ्लैट बुक
समय से पजेशन न मिलने पर शिकायतकर्ता ने बुकिंग कैंसिल कर दी थी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। समय से फ्लैट का पजेशन न देने पर बिल्डर कंपनी 10 लाख रुपये शिकायतकर्ता को और 33 लाख रुपये बैंक को वापस करेगी। शिकायतकर्ता को मिलने वाली राशि नौ प्रतिशत की ब्याज दर से वापस की जाएगी। 48 महीने में फ्लैट का पजेशन न मिलने पर शिकायतकर्ता ने अपने फ्लैट की बुकिंग कैंसिल कर दी थी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की सदस्य खुशविंदर कौर ने दिया है।
सेक्टर-30 निवासी शशांक राज ने आयोग में दायर की याचिका में बताया था कि कर्नाटक के जिला बेंगलुरु के हीरांडाहल्ली गांव में लैंडस्टार होम्स कंपनी के एक प्रोजेक्ट में एक फ्लैट के लिए 20 अगस्त 2019 को 56.03 लाख रुपये में करार हुआ था। उन्होंने कंपनी को 10 लाख रुपये भी दिए थे। कंपनी की तरफ से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 43 लाख रुपये का लोन कराया गया था। उसमें से 33 लाख रुपये कंपनी के ही खाते में चले गए थे। करार के अनुसार लोन की किस्त फ्लैट के पजेशन देने तक कंपनी को ही देनी थी।
48 महीने बीत जाने पर भी कंपनी की तरफ से फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया। उन्होंने इसके बारे में पूछा भी लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने 21 अगस्त 2023 को फ्लैट को कैंसिल करने का नोटिस कंपनी को भेज दिया। इसके बाद बैंक की तरफ से उनके पास किस्त के मैसेज आने लगे। इस मामले में कंपनी की तरफ से आयोग में कोई भी पेश नहीं हुआ।
आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपये नौ प्रतिशत की ब्याज दर से वापस करे। इसके साथ ही उनको हुई मानसिक परेशानी को देखते हुए दो लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 33 हजार रुपये दिए जाएं। इसके साथ ही कंपनी 33 लाख रुपये बैंक को वापस करेगी।