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Gurugram News: छह महीने में मात्र 17 दिन शहर की हवा रही संतोषजनक

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सीआरईए ने जारी की रिपोर्ट, जनवरी से जून माह के दौरान देश का चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा गुरुग्राम
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। साल के शुरुआती छह महीने में शहर की हवा प्रदूषित रही । वर्ष 2024 में जनवरी माह से जून माह के दौरान मिलेनियम सिटी देश में चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। सेंटर ऑफ रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) की तरफ से हाल ही रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार टॉप-5 में राज्य के दो जिले शामिल हैं, जिसमें फरीदाबाद दूसरे और गुड़गांव चौथे स्थान पर रहा है। सेंटर ऑफ रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर द्वारा 182 दिनों की रिपोर्ट जारी की गई है। 182 दिन में से 44 दिन शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में रहा। इन 44 दिनों में शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 121 से 250 के बीच रहा है। इसके अलावा 52 दिन शहर की हवा खराब श्रेणी में रही। इन 52 दिनों में शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 91 से 120 के बीच दर्ज किया गया वहीं 68 दिन शहर की हवा सामान्य रही। इन 68 दिनों में शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 61 से 90 के बीच दर्ज किया गया। साथ ही मात्र 17 दिन शहर की हवा संतोषजनक स्थिति में रही। इन 17 दिनों में शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 31 से 60 के बीच दर्ज किया गया।
पीएम 2.5 रहा 99
सेंटर ऑफ रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर की ओर से जारी रिपोर्ट में शहर का पीएम 2.5 औसतन 99 रहा। पीएम 2.5 हवा में घुलने वाला सबसे छोटा पदार्थ है। इन कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। पीएम 2.5 का स्तर ज्यादा होने पर ही धुंध बढ़ती है वहीं विजिबिलिटी का स्तर भी गिर जाता है। पीएम 2.5 हमारे फेफड़ों में काफी भीतर तक पहुंचता है जिससे आंखों, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ती है। इसके अलावा पीएम 2.5 बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
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निर्माणाधीन साइटों और सड़कों की धूल से सबसे ज्यादा प्रदूषण


शहर में वायु प्रदूषण के कई कारण हैं परंतु डिस्ट्रिक्ट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक वायु प्रदूषण में 40 प्रतिशत हिस्सा निर्माणाधीन साइटों और सड़कों की धूल का है। इसके अलावा आईटी हब होने के चलते प्रतिदिन 10 हजार से ज्यादा गाड़ियां दिल्ली, फरीदाबाद सहित दिल्ली- एनसीआर के अलग- अलग इलाकों से शहर में प्रवेश करती हैं। इसके अलावा शहरवासी कूड़ा निस्तारण करने की बजाय जला देते हैं जिससे भी वायु प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही सड़कों की बदहाल स्थिति के चलते उड़ने वाली धूल भी हवा को प्रदूषित करती है।


सोमवार को शहर की हवा रही संतोषजनक

जिले में चारों स्टेशनों से प्रदूषण को नियंत्रित किया जाता है जिसमें विकास सदन, मानेसर, सेक्टर-51, टेरी ग्राम शामिल हैं। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार सोमवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक स्थिति में रही। जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 91 दर्ज किया गया। इसके अलावा विकास सदन का वायु गुणवत्ता सूचकांक 105, सेक्टर-51 का 120, टेरी ग्राम का 48 और सेक्टर-2 आईएमटी का 89 दर्ज किया गया।
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बातचीत

शहर में प्रदूषण का मुख्य कारण निर्माणाधीन साइटें और सड़कों की धूल है। विभाग की तरफ से प्रदूषण को कम करने के लिए डस्ट पोर्टल बनाया गया है। साथ ही अलग- अलग जगहों पर प्रदूषण को जांचने के लिए मशीनें भी लगाई गईं हैं। -निर्मल कश्यप, रीजनल ऑफिसर, प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड।




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