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Gurugram News: शहर को मिलेगी कूड़े से मुक्ति, 854 वाहन संभालेंगे व्यवस्था

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नगर निगम द्वारा कूड़ा उठाने वाली गाड़ी। फाइल फोटो
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नए साल से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की मिलेगी सुविधा, मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद सिरे चढ़ाने में जुटा नगर निगम
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नंबर गेम - 600 करोड़ रुपये से अधिक के कूड़ा संग्रहण टेंडर को मंजूरी


अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के स्थायी टेंडर को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में दो दिन पहले हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। नए साल से दो निजी एजेंसियां सात साल तक काम करेंगी और 854 वाहन कूड़ा संग्रहण करेंगे।

नगर निगम गुरुग्राम ने शहर को दो क्लस्टर में बांटा है। इनके लिए अलग-अलग एजेंसियों का चयन किया गया है। यह टेंडर पांच साल की प्रारंभिक अवधि के लिए है। संतोषजनक प्रदर्शन के बाद इसे दो अतिरिक्त वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा। नई योजना के तहत, शहर में अब 400 के बजाय 854 वाहन घर-घर से कचरा एकत्र करेंगे। वाहनों की संख्या बढ़ने से कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजाना कूड़ा उठेगा। पहले इन क्षेत्रों में दो से तीन दिन तक कचरा नहीं उठता था। इससे सड़कों और खाली प्लॉटों में कूड़ा फेंकने की समस्या पर रोक लगेगी।
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अभी अस्थायी व्यवस्था से चल रहा था काम
स्थायी टेंडर में देरी के कारण निगम 13.43 करोड़ रुपये की अस्थायी व्यवस्था के तहत आठ एजेंसियों से काम चला रहा था। जांच में 591 निर्धारित वाहनों में से 219 वाहन गायब मिले। संसाधनों की इसी कमी के कारण शहर के 40 फीसदी घरों से नियमित कूड़ा नहीं उठ पा रहा था। वर्ष 2024 में पुरानी कंपनी का अनुबंध रद्द होने के बाद से निगम सफाई पर 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुका है।

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मुख्यमंत्री की ओर से घर-घर से कूड़ा उठाने ही योजना को मंजूरी मिल गई है। ग्लोबल स्तर पर इसका टेंडर निकाला जाएगा। नए साल की शुरुआत तक इस व्यवस्था के लागू होने की उम्मीद है। - रवींद्र यादव, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम
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सोहना में डोर टू डोर योजना फेल
सोहना। सोहना नगरपरिषद क्षेत्र में डोर टू डोर योजना फेल होकर रह गई है। एजेंसी के कर्मचारी कूड़ा उठाने नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसा होने से क्षेत्र में गंदगी पसरी हुई है। आरोप है कि एजेंसी कूड़ा उठाने के लिए कम वाहनों व कर्मचारियों का उपयोग कर रही है। वहीं, नागरिक प्राइवेट कर्मचारियों को पैसे देकर कूड़ा उठवाने को मजबूर हैं। क्षेत्र के नागरिक समाजसेवी अमित गर्ग, प्रवीण जैन, दीपक, पवन आदि बताते हैं कि एजेंसी अपने कार्य में पूर्ण रूप से कोताही बरत रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी कम वाहनों को उपयोग कर रही है। उन्होंने प्रशासन से एजेंसी संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। गत दिनों नगरपरिषद ने डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने के लिए निजी एजेंसी को ठेका देकर जिम्मेदारी दी थी। उक्त ठेका करीब दस करोड़ रुपये की राशि का छोड़ा गया था, जो पांच वर्षों के लिए निश्चित था। एजेंसी को करीब 17 हजार घरों से कूड़ा उठाना तय किया गया था। इसके विपरीत एजेंसी अपने कार्य को करने में असफल साबित हो रही है। एजेंसी संचालक डोर टू डोर एजेंसी संचालक मुनीश अहमद का कहना है कि हड़ताली सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाने पर परेशानी पैदा करते हैं जिससे कई स्थानों से कूड़ा उठाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वाहनों की संख्या पर्याप्त है। अगर किसी क्षेत्र से कूड़ा नहीं उठ रहा है तो शिकायत की जा सकती है, जिसको तुरंत ही उठाया जाएगा। संवाद
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