दबंगों और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
कुशाल रंगा
बादशाहपुर। मुख्यमंत्री नायब सैनी के आदेश देने के बावजूद जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और दबंगों की मीलीभगत से सरकारी आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। कादरपुर गांव के बुजुर्ग कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दोषियों पर कार्रवाई के आदेश दिए जाने के बाद भी पीड़ित बुजुर्ग को केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
कादरपुर निवासी ज्ञान चंद का आरोप है कि दबंगों ने नगर निगम और स्थानीय पुलिस की मीलीभगत से उनके भाई की जमीन और सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, कादरपुर से सीआरपीएफ रोड तक जाने वाले महत्वपूर्ण बांध को 12 अलग-अलग स्थानों से काटकर अवैध कॉलोनियों के लिए रास्ते निकाल दिए हैं। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में हरे पेड़ों को काटकर पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
इस पूरे मामले में नगर निगम के एक एसडीओ और प्लानिंग विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। आरोप है कि अतिक्रमणकारियों से मोटी रकम लेकर कागजों में इन रास्तों को बंद दिखा दिया गया है, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। फिलहाल नगर निगम की विजिलेंस विंग इन अधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही है। पीड़ित का आरोप है कि 16 अक्टूबर 2021 को दबंगों ने पुलिस की मौजूदगी में जमीन पर कब्जा किया था। उस समय डायल 112 पर फोन करके शिकायत देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का कहना है कि एसीपी बादशाहपुर को बयान देते समय उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे पुलिसकर्मियों के नाम न लें।
वर्जन-
10 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री ने दोबारा मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। इससे पहले 22 अप्रैल 2025 को भी आदेश हुए थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 23 अप्रैल को सुरेश पुत्र सोहन लाल ने लिखित में दिया था कि वह अपने खर्च पर मलबा हटाएगा लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। -ज्ञान चंद, पीड़ित बुजुर्ग
वर्जन-
मामले की जांच की जिम्मेदारी एसडीएम वजीराबाद को सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार, उपायुक्त, गुरुग्राम